लखीमपुर खीरी: युवती के आत्मदाह की धमकी से पुलिस में खलबली
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। नदी में डूबे युवक व उसके भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर युवती ने डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी। इससे पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। बुधवार को कलेक्ट्रेट में फायर ब्रिगेड, एलआईयू समेत सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहे लेकिन पुलिस को गच्चा देकर युवती कलेक्ट्रेट पहुंच गयी। …
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। नदी में डूबे युवक व उसके भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर युवती ने डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी। इससे पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। बुधवार को कलेक्ट्रेट में फायर ब्रिगेड, एलआईयू समेत सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात रहे लेकिन पुलिस को गच्चा देकर युवती कलेक्ट्रेट पहुंच गयी। पुलिस जब तक उसे पकड़ती वह एक अधिवक्ता के चैम्बर में पहुंच गई।
थाना खीरी के गांव सदुल्लापुर निवासी प्रदीप (25) ने प्रेम प्रसंग के चलते 25 जुलाई को रवहीं पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। पुलिस ने नहर में गोताखोर उतारकर उसकी काफी तलाश कराई, लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। उधर पुलिस ने नहर में कूदे युवक के भाई रंजीत यादव की तहरीर पर गांव सदुल्लापुर निवासी अनेश कुमार, रामप्रताप, छोटेलाल, लालता प्रसाद, मालिक, दूजई, महादेव आदि के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया था।
पुलिस को बुधवार की सुबह सूचना मिली थी उक्त युवती बुधवार को डीएम दफ्तर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने वाली है। इससे पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर में फायर बिग्रेड और महिला थाना प्रभारी निरीक्षक शकुंतला उपाध्याय के साथ ही थाना खीरी पुलिस व एलआईयू को तैनात किया गया था।
इसके अलावा सादे कपड़ों में भी महिला और पुरुष सिपाही तैनात थे। सभी युवती की टोह ले रहे थे। दोपहर करीब एक बजे युवती कलेक्ट्रेट पहुंच गयी। पुलिस उसे पहचान पाती इससे पहले ही वह एक अधिवक्ता के चैम्बर में पहुंच गयी।
युवती अब डूबे कथित प्रेमी व उसके भाई पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा रही है। उसका कहना है कि 25 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे वह गन्ने के खेतों की ओर शौच करने गयी थी जहां पहले से मौजूद दोनों भाइयों ने उसे दबोच लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी।
पीड़िता ने बताया कि उसने आत्मदाह की कोई धमकी नहीं दी थी। पुलिस को यह बात कहां से पता चली इसकी उसे जानकारी नहीं है। वह अपने वकील से कानूनी सलाह लेने के लिए कलेक्ट्रेट आई थी। पुलिस उसे पहचान पाती और पकड़ती तब तक वह अधिवक्ता के चैम्बर में पहुंच गयी।
बरेली: सीबीएसई कक्षा 10 एवं 12वीं के छात्र खुद देख सकते हैं अपना रोल नंबर
