मुरादाबाद : पीड़ितों की सहायता करेगी पुलिस, नहीं बख्शे जाएंगे आरोपी
मुरादाबाद, अमृत विचार। एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्रा ने कहा कि हम सुनेंगे सबकी, मगर करेंगे वही जो कानून की नजर में ठीक होगा। पीड़ित सीधे आकर शिकायत करें। तिल का ताड़ न बनाएं। समस्याओं का समाधान करना ही हमारी जिम्मेदारी है। पीड़ित की हर हाल में सहायता की जाएगी और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई …
मुरादाबाद, अमृत विचार। एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्रा ने कहा कि हम सुनेंगे सबकी, मगर करेंगे वही जो कानून की नजर में ठीक होगा। पीड़ित सीधे आकर शिकायत करें। तिल का ताड़ न बनाएं। समस्याओं का समाधान करना ही हमारी जिम्मेदारी है। पीड़ित की हर हाल में सहायता की जाएगी और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वह पुलिस लाइन में संवाददाताओं से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाना ही पुलिस का सबसे पहला काम है। गलत काम करने वालों के खिलाफ तत्काल एक्शन होगा। पुलिस टीम भावना से काम करे और जनता के साथ संवाद स्थापित कर अपराध पर रोक लगाए।
मंडल के दो दिवसीय दौरे पर आए एडीजी अविनाश चंद्रा ने इस दौरान पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 257 आरक्षियों के साथ भी संवाद किया। सिपाहियों से कहा कि थाने में आने वाले फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण से पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ता है। तैनाती से सभी बुरी आदतों को त्याग दें।
सीख दी कि पीड़ित को न्याय देते समय किसी के दबाव पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी सभी को ख्याल रखना चाहिए। जब शरीर स्वास्थ्य होगा, तभी पूरी जिम्मेदारी से ड्यूटी कर सकेंगे। आगे कहा कि पुलिसकर्मी दहेज रहित शादी कर मिसाल कायम करें। इसके साथ ही रक्तदान करने में भी अग्रणी भूमिका निभाएं। गरीबों की सेवा के लिए अन्नदान भी करें। कन्या भ्रूण हत्या न करें, न ही किसी को करने दें।
सभागार में की अपराधों की समीक्षा
इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन सभागार में जनपद के सभी सीओ और एसओ के साथ अपराध की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बीट व्यवस्था भी देखी। उन्होंने अपराध रोकने पर पूरा जोर दिया। घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। करीब आधा घंटे तक चली समीक्षा बैठक में उन्होंने मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान डीआईजी शलभ माथुर, एसएसपी पवन कुमार, एसपी सिटी अमित कुमार आनंद, एसपी देहात विद्यासागर मिश्र, एसपी यातायात अशोक कुमार, एएसपी अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
पुलिसकर्मियों को बनाएंगे सशक्त
पुलिस विभाग में बढ़ती आत्महत्या को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर मॉनीटरिंग की जाएगी। पुलिसकर्मियों को सशक्त बनाया जाएगा, ताकि वे हर समस्या का डंट कर मुकाबला कर सकें। इसके लिए संवाद स्थापित करना, अपनी समस्या को खुलकर अधिकारी के सामने रखना आदि के बारे में बताया जाएगा।
दो पुलिसकर्मी आपस में एक-दूसरे के व्यवहार पर नजर रखेंगे। व्यवहार में मामूली सी तब्दीली पर भी नजर रखी जाएगी। पुलिस हमार परिवार है और हर पुलिस कर्मी परिवार का सदस्य है। सभी का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। उनकी समस्याओं का निराकरण करना भी हमारा ही कर्तव्य है।
चोरी गए बच्चे की बरामदगी तक चैन की सांस नहीं लेगी पुलिस
बच्चा चोरी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की बरामदगी होने तक पुलिस चैन से नहीं बैठेगी। चोरी गए बच्चों को हर हाल में बरामद किया जाएगा। रेलवे स्टेशन के सामने से चोरी हुए बच्चे की तलाश में टीमें लगी हैं।
नाबालिग को बरामद करने के प्रयास कर रही पुलिस
नाबालिग बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर एसएसपी ऑफिस के बाहर 14 जुलाई से धरने पर बैठे परिवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें लगातार किशोरी की तलाश कर रही हैं। आरोपियों को भी तलाश किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने दरोगा पर आरोप लगाए थे। इस बारे में एडीजी ने कहा कि दरोगा के बारे में वह कप्तान को लिखकर दें, जांच कराई जाएगी। यदि दरोगा दोषी होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
थानों में खड़े वाहनों का जल्द करें निस्तारण
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने पाकबड़ा थाने में खड़े वाहनों को देखकर कहा कि हादसे या अन्य कारणों से थाने आए वाहन खड़े-खड़े बेकार हो जाते हैं। इसलिए जब वे थाने से छूटते हैं, तब तक किसी काम के नहीं रहते। इस बारे में एक योजना बनाएं। अदालत से अनुमति लेकर वाहन स्वामियों को उन्हें सौंप दें। जब अदालत को इनकी जरूरत हो तो पेश कर दें। इससे वाहन भी खराब नहीं होंगे और थानों में बेवजह जगह भी नहीं घिरेगी।
रजिस्टर व धाराओं के संबंध में जानकारी नहीं दे सके पुलिसकर्मी
एडीजी देर शाम करीब पांच बजे पाकबड़ा थाने पहुंचे। कार्यालय में मौजूद सीओ हाइवे डॉ. गणेश कुमार गुप्ता से उन्होंने पूछा कि लूट की वारदात के बाद जब जीडी में रिपोर्ट लिखी जाती है, उसके बाद किन-किन रजिस्टरों में अपराध दर्ज होता है और उन रजिस्ट्ररों का क्या महत्व है। सीओ हाइवे इन सवालों के उत्तर नहीं दे सके।
इस दौरान परेड में खड़े दरोगा और सिपाहियों से उन्होंने धारा 304, 304ए और 304बी में अंतर के बारे में पूछा। इसका भी कुछ दरोगा ही जवाब दे सके। प्राथमिक उपचार के बारे में भी सिपाही उन्हें संतुष्ट नहीं कर सके। इस पर एडीजी ने सीएमओ से बात करके इन सिपाहियों को फिर से प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दिलाने के आदेश दिए।
उठा आईटीआई शिक्षक की हत्या का मुद्दा
इस दौरान पाकबड़ा का चर्चित शिक्षक हत्याकांड का मुद्दा भी उठाया गया। एडीजी ने कहा कि जो घटना अभी तक नहीं खुली है, उस पर टीमें बनाकर काम किया जाएगा। मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी। साक्ष्यों के बिना किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने आदेश दिए कि महिला पुलिस गांव में जाकर महिलाओं के साथ बैठक करें। उनको 112, 1090, लैंगिक शोषण, दहेज हत्या एवं उत्पीड़न के बारे में बताएं। साथ ही अपना नंबर गांव की महिलाओं को दें, ताकि घटना होने से पहले पुलिस उनका निस्तारण कर सके।
