मुरादाबाद: एफआईआर होने की भनक लगी तो बैकफुट पर आए एंबुलेंस चालक, बिना शर्त काम पर लौटे

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मुरादाबाद,अमृत विचार। वेतन में कटौती बंद करने, ठेका प्रथा समाप्त कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग में समायोजन करने आदि मांगों को लेकर जीवनदायिनी 108, 102 और एएलएस सेवा के एंबुलेंस चालक खुद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की तैयारी की भनक लगते ही बैकफुट पर आ गए। चौथे दिन गुरुवार को दिन भर …

मुरादाबाद,अमृत विचार। वेतन में कटौती बंद करने, ठेका प्रथा समाप्त कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग में समायोजन करने आदि मांगों को लेकर जीवनदायिनी 108, 102 और एएलएस सेवा के एंबुलेंस चालक खुद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की तैयारी की भनक लगते ही बैकफुट पर आ गए। चौथे दिन गुरुवार को दिन भर हड़ताल जारी रखकर नारेबाजी करने वाले एंबुलेंस चालकों ने शाम को बिना शर्त हड़ताल वापस ले ली। इससे एंबुलेंसों के पहिए अब पहले की तरह सामान्य रूप से चलने लगे।

जीवनदायिनी 108, 102 और एएलएस सेवा यूनियन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले में 57 एंबुलेंसों के चालक सोमवार से हड़ताल पर थे। जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गंभीर मरीजों को अस्पताल में लाने ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस न मिलने से निजी एंबुलेंस और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा था।

इससे उनको मनमाना भुगतान भी करना पड़ रहा था। सरकार की सख्ती और स्थानीय प्रशासन के दबाव में एंबुलेंस चालकों ने बुधवार से आपातकालीन सेवा के लिए 15 एंबुलेंसों का संचालन भी शुरु कर दिया था। हालांकि सीएमओ ने बुधवार को 108 के सभी 30 एंबुलेंसों के संचालन का दावा किया था, लेकिन यह बेदम साबित हुआ।

गुरुवार को भी एंबुलेंसों के पहिए थमे रहने से अफसरों की फजीहत हुई। एंबुलेंस चालकों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर सड़क पर एंबुलेंस खड़ी कर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रखी। इससे पूरे दिन गंभीर मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें निजी एंबुलेंस व अन्य वाहनों से अस्पताल आना जाना पड़ा।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिला प्रशासन की सलाह पर हड़ताली कई एंबुलेंस चालकों जिसमें यूनियन के अधिकांश पदाधिकारी शामिल थे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी दिन में कर ली। सिर्फ डीएम की अनुमति का इंतजार था। इसकी भनक लगते ही हड़ताल कर रहे जीवनदायिनी 108, 102, एएलएस सेवा यूनियन के जिलाध्यक्ष निपेंद्र यादव, महामंत्री सुरेंद्र चौहान, जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र सिसौदिया, संगठन मंत्री हरवेंद्र कुमार, प्रवक्ता रनवीर सिंह, उपाध्यक्ष कमरूल हसन आदि ने आनन फानन में बिना शर्त हड़ताल वापस करने का निर्णय लिया।

उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से बातचीत की। उनको पत्र देकर बिना शर्त हड़ताल वापस करने का ऐलान किया। हालांकि यूनियन के पदाधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर एंबुलेंस का संचालन जनहित में शुरू करने की बात कही। उन्होंने सरकार व जीवीके कंपनी से सहानुभूति की अपेक्षा जताई है।

एंबुलेंस चालकों ने बिना शर्त हड़ताल वापस ले ली है। इससे एंबुलेंसों का संचालन पूर्व की तरह शुरू हो गया है। – डॉ. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्साधिकारी

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