फर्जी शिविरों का शिकार हुए लोगों के लिए अदालत का केंद्र को निर्देश, नकली टीका लगवाने वालों को…
मुंबई। बम्बई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि वह बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को उन नागरिकों को फिर से टीका लगाने की अनुमति दे, जिन्हें कुछ महीने पहले शहर में कोरोना वायरस का नकली टीका लगाया गया था। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने …
मुंबई। बम्बई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि वह बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को उन नागरिकों को फिर से टीका लगाने की अनुमति दे, जिन्हें कुछ महीने पहले शहर में कोरोना वायरस का नकली टीका लगाया गया था।
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह अब से सात दिनों के भीतर संशोधनों के साथ या बिना संशोधनों के मुंबई नगर निकाय की कार्ययोजना को मंजूरी दे।
बीएमसी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने अदालत को बताया कि फर्जी शिविरों के शिकार हुए 2,053 लोगों में से 161 को फिर से टीका लगाया गया है। साखरे ने इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय को बताया था कि पीड़ितों को कोविड-19 के टीका के बजाय पानी का टीका लगाया गया था।
कांदिवली के हीरानंदानी में 391 लोगों को नकली टीका लगाया गया था जिसमें से 363 लोगों का पता लगाया गया और उनमें से 161 को दोबारा टीकाकरण किया गया। शेष बचे 2,053 पीड़ित दोबारा टीका के लिए पंजीकरण करा रहे हैं।
