लखनऊ: वाह गुरूजी कर दिया खेल! एक बच्चे का एडमिशन चार-चार स्कूलों में
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी स्कूलों में नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए लखनऊ समेत मंडल के सभी जिलो के सरकारी स्कूलों में खेल कर दिया गया। हालात ये हैं कि एक बच्चे का एडमिशन चार-चार स्कूलो में हो गया है। इस तरह नामांकन संख्या बढ़ाने से भले ही रजिस्टर पर बच्चों की संख्या बढ़ …
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी स्कूलों में नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए लखनऊ समेत मंडल के सभी जिलो के सरकारी स्कूलों में खेल कर दिया गया। हालात ये हैं कि एक बच्चे का एडमिशन चार-चार स्कूलो में हो गया है। इस तरह नामांकन संख्या बढ़ाने से भले ही रजिस्टर पर बच्चों की संख्या बढ़ जाये लेकिन हकीकत में कितना राजस्व का नुकसान होगा इसका अंदाजा शिक्षकों को शायद नहीं है तभी ऐसा खेल किया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गये हैं, मंडल के सभी जिलो में ऐसे करीब 41 हजार बच्चों की संख्या है। इसमें लखनऊ में ही साढ़े नौ हजार बच्चों की संख्या मिली है।
हालांकि उच्च अधिकारियों का कहना है कि इसमें अभिभावकों ने भी चालाकी की होगी, चूकि इस बार बच्चों का आधार अनिवार्य कर दिया गया है ऐसे में अब मामले पकड़ में आने लगे हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि यह खेल हर साल होता रहा है लेकिन इस बार आधार लिंक होने से मामला पकड़ में आ गया। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ स्कूलों में शिक्षकों ने खेल किया है। जिसकी वजह से एक एक बच्चे के आधार कार्ड का इस्तेमाल चार चार स्कूलों में हुआ है। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम थी शिक्षक व हेड मास्टर की कुर्सी खतरे में थी वहां इस तरह का खेल किया गया है।
निजी कंपनी की दी गयी निगरानी की जिम्मेदारी, खुल गयी पोल
41 बच्चे लखनऊ मंडल के सीतापुर, लखीमपुर, लखनऊ, हरदोई तथा रायबरेली जिले में मिले हैं। शासन ने मॉडल के तौर पर लखनऊ मंडल के जिलों के बच्चों के आधार प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड को दी थी। कंपनी को कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं के आधार पर प्रमाणीकरण करने थे। आधारविहीन छात्र-छात्राओं के आधार नामांकन भी कराने थे। कंपनी ने जब बच्चों को ब्योरा चेक किया तो तो पता चला चार—चार स्कूलों के बच्चों की आधार संख्या एक जैसी है। जब जांच का दायरा बढ़ा तो बच्चों की संख्या भी बढ़ती चली गयी।
बच्चों का फीड कराया जा रहा आधार
मौजूदा समय में बच्चों को स्कूल बुलाकर नही पढ़ाया जा रहा है लेकिन पुराने बच्चों की आधार संख्या फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में स्कूल से आधार अगर अपडेट कर दिया जाता है तो आगे मामला पकड़ में आ जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जल्द से जल्द बच्चों की आधार संख्या फीड कराये जाने के आदेश दिए गये हैं।
इस तरह नामांकन बढ़ने से होगा सरकारी नुकसान
अधिकारी कहते हैं अगर इस तरह से एडमिशन लिए गये तो राजस्व का नुकसान होगा। अधिकारियों के मुताबिक मिड डे मील, स्कूल की ड्रेस, जूता मोजा तथा कॉपी किताबों तक नुकसान होगा। हालांकि तत्कालीन महानिदेशक विजय किरन आनंद ने 19 जुलाई 2021 को आदेश जारी कर इन डुप्लीकेट छात्र छात्राओं का स्कूलों से नामांकन खारिज करने का निर्देश दिया है। लेकिन अभी तक इनका नाम रद्द नहीं किया गया है।
काफी संख्या में ऐसे भी बच्चे हैं जिनकी नाम हिन्दी में कुछ और अंग्रेजी में कुछ और है, आधार से मिलान किया जा रहा है, कुछ बच्चों के नाम पहले से कुछ और लिखे हैं आधार में कुछ और नाम है, ऐसे में यह अभी जांच की जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के पास पूरा डाटा मौजूद है…सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह निदेशक
