मुरादाबाद: किसी के परिवार वाले नाखुश तो किसी ने पति को दिया दगा, नारी निकेतन में समझौता
मुरादाबाद,अमृत विचार। टूटते घरों को बचाने के लिए शुरू किए गए नारी उत्थान केंद्र में कुछ ऐसे मामले सामने आ जाते हैं जो काउंसलर को भी पसोपेश में डाल देते हैं। सोमवार को फिर इस केंद्र में दो ऐसे ही मामले सामने आए। किसी के परिवार वाले नाखुश थे तो किसी की पत्नी ने उसे …
मुरादाबाद,अमृत विचार। टूटते घरों को बचाने के लिए शुरू किए गए नारी उत्थान केंद्र में कुछ ऐसे मामले सामने आ जाते हैं जो काउंसलर को भी पसोपेश में डाल देते हैं। सोमवार को फिर इस केंद्र में दो ऐसे ही मामले सामने आए। किसी के परिवार वाले नाखुश थे तो किसी की पत्नी ने उसे दगा दे दिया था। एक मामले में गोद भराई की रस्म पूरी होने के बाद सभी रिश्तेदारों को अंगूठी न मिलने से खफा लड़के के परिवार वालों ने शादी करने से ही इनकार कर दिया।
दूसरी ओर एक मामले में महिला ससुराल से जेवर लेकर आई और मायके में रखकर प्रेमी संग फरार हो गई। काउंसलर ने आखिरी निर्णय प्रेमी-प्रेमिका पर ही छोड़ दिया। कहा कि अगर दोनों शादी करना चाहते हैं तो किसी के परिवार वाले कोई आपत्ति नहीं करेंगे। खुद पति ने भी पत्नी को प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी।
समझौता-1
मझोला थाना क्षेत्र के बुद्धि विहार निवासी मुन्ना ने बेटी का रिश्ता नंद नगरी दिल्ली निवासी रमेश चंद्र के बेटे हरीश के साथ किया था। हरीश आयकर विभाग में कार्यरत है। मुन्ना के अनुसार 19 नवंबर 2020 को उसने गोद भराई की रस्म की थी, जिसमें लड़का पक्ष से करीब 35 लोग आए थे। स्वागत सत्कार के बाद सभी को विदाई में कपड़े व नकदी दी गई। हरीश को शगुन में सोने की अंगूठी अलग से दी गई थी।
आरोप था कि कुछ दिनों बाद ही हरीश के परिजनों ने शादी करने से यह कहकर इनकार कर दिया कि सभी मेहमानों को सोने की अंगूठी नहीं दी गई। इस पर उन्होंने उन लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया पर बात नहीं बनी। लिहाजा मामला नारी निकेतन पहुंच गया। काउंसलर ने दोनों पक्षों को सोमवार को नारी निकेतन बुलाया। पूछताछ करने पर हरीश ने कहा कि वह शादी करने को तैयार है।
लेकिन, परजन सहमत नहीं हैं। इस पर उसके परिजनों को फोन किया गया तो उन्होंने कह दिया कि दोनों ने शादी कर ली है। जानकारी पर मालूम हुआ कि केवल गोद भराई हुई है, शादी न होने से खफा हरीश खुद ही अलग रह रहा है। दोबारा संपर्क करने पर उसके परिजन ने यह कह कर आने से इनकार कर दिया कि अगर उसे शादी करनी है तो वह कर सकता है। इसके बाद समझौता हुआ कि अगर हरीश व संबंधित लड़की अपनी इच्छा से शादी करना चाहते हैं तो किसी के परिवार वालों को कोई आपत्ति नहीं होगी।
समझौता-2
इस मामले ने तो काउंसलर को भी असमंजस की स्थिति में डाल दिया। दरअसल फतेहपुर विश्नोई निवासी बेबी का विवाह मझोला थाना क्षेत्र के चाऊ की बस्ती निवासी धर्मेंद्र के साथ हुआ था। इस समय वह पांच माह की गर्भवती है। बताते हैं कि पिछले महीने वह सारा जेवर पहन कर मायके आई थी। जेवर लॉकर में रखने के बाद प्रेमी महेश के साथ 12 जुलाई को फरार हो गई। इसकी जानकारी ससुरालियों को हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
साथ ही खुद भी पता लगाने में जुट गए। मालूम हुआ कि बेबी और महेश के बीच काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों छह साल पहले विवाह भी कर चुके हैं। मामला नारी निकेतन पहुंचा तो सोमवार को महेश व धर्मेंद्र परिजनों के साथ नारी निकेतन पहुंचे। हालांकि बेबी के परिवार वाले नहीं आए।
काउंसलर के सामने बेबी ने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा प्रकट की। इस पर धर्मेंद्र ने भी यह कहकर अनुमति दे दी कि अगर वह महेश के साथ खुश है तो जा सकती है। लेकिन, उसे सारा जेवर वापस करना पड़ेगा। इस पर समझौता हुआ कि वह आभूषण वापस करेगी। अगर ऐसा नहीं करती है तो महेश को इसके लिए भुगतान करना पड़ेगा।
नारी उत्थान केंद्र, काउंसलर ऋतु नारंग ने बताया कि दोनों मामले काफी जटिल थे। किसी के परिवार वाले नाखुश थे तो कोई पति के साथ नहीं रहना चाहती थी। हालांकि दोनों मामलों में समझौता करवाने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
