लखीमपुर खीरी: मूर्ति खंडित कर यज्ञशाला में लगाई आग, ग्रामीणों में रोष
मैगलगंज खीरी, अमृत विचार। चौगानपुर गांव के मन्दिर में अराजकतत्वों ने जमकर तोड़फोड़ की। मूर्तियां तोड़कर यज्ञशाला में आग लगा दी। मन्दिर के घंटे तोड़कर देवी-देवताओं के वस्त्र जला दिए। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में रोष व्याप्त हो गया। तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे …
मैगलगंज खीरी, अमृत विचार। चौगानपुर गांव के मन्दिर में अराजकतत्वों ने जमकर तोड़फोड़ की। मूर्तियां तोड़कर यज्ञशाला में आग लगा दी। मन्दिर के घंटे तोड़कर देवी-देवताओं के वस्त्र जला दिए। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में रोष व्याप्त हो गया। तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एसपी ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्राम प्रधान ने नई मूर्ति मंगाकर मंदिर में स्थापित करा दी।
मैगलगंज क्षेत्र के चौगानपुर गांव से उत्तर दिशा में लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर मंदिर व यज्ञशाला है। शुक्रवार रात आराजक तत्वों ने मंदिर में स्थापित हनुमान जी सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां खंडित कर दीं। यज्ञशाला के छप्पर में आग लगा दी। सुबह जब पुजारी शिवबाबू सिंह पहुंचे तो उन्हें घंटे टूटे मिले। हनुमान जी मूर्ति खंडित थी और वस्त्र अधजले मिले व यज्ञशाला में स्थित नवग्रह का चबूतरा उखड़ा मिला। मंदिर की मूर्तियों सहित अन्य सामान नष्ट करने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और उनमें आक्रोश फैल गया।

इंस्पेक्टर चन्द्रकान्त सिंह दलबल के साथ पहुंच गए। मौके की नजाकत को देखते हुए इंस्पेक्टर ने आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। एसपी विजय ढुल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। पता चला कि शुक्रवार शाम रिश्तेदारी में चौगानपुर गांव आए शंकर ने इस घटना को अंजाम दिया है। मंदिर के संस्थापक अनिल कुमार मिश्रा ने शंकर पुत्र भगवानदीन निवासी ग्राम मुड़िया थाना महोली सीतापुर के विरुद्ध तहरीर दी है। एसपी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मानसिक रोगी है आरोपी
मंदिर की मूर्ति तोड़ने व यज्ञशाला में आग लगाने का आरोपी मानसिक रोगी बताया जा रहा है। मन्दिर के पास अनंगपाल सिंह उर्फ पप्पू का खेत है। अनंगपाल के मुताबिक सुबह जब वह अपने खेत पर जा रहा था तो रास्ते मे उसे शंकर मिला जिसके हाथ में मूर्ति का अवशेष था। अनंगपाल ने उसे पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह भाग गया। आरोपी गांव के ही बराती पुत्र संतू धोबी का साला है जो शुक्रवार शाम संतू के यहां आया था लेकिन मनोरोगी होने के कारण संतू ने उसे घर से भगा दिया था। यहां से शंकर मंदिर पहुंचा और घटना को अंजाम दे डाला।
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