राष्ट्रवाद को दिखाने में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका: अक्षय कुमार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार का मानना है कि देश के भुला दिए गए नायकों को उनकी सेवा के लिए उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी आगामी फिल्म “बेल बॉटम” में ऐसे ही एक नायक की कहानी है। इस फिल्म की कहानी 1980 के दशक के सत्य घटनाक्रम पर आधारित है जिसमें 53 …

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार का मानना है कि देश के भुला दिए गए नायकों को उनकी सेवा के लिए उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी आगामी फिल्म “बेल बॉटम” में ऐसे ही एक नायक की कहानी है। इस फिल्म की कहानी 1980 के दशक के सत्य घटनाक्रम पर आधारित है जिसमें 53 वर्षीय अभिनेता ने एक खुफिया जासूस का किरदार निभाया है जो अपहृत कर लिए गए भारतीय विमान से 210 बंधकों को छुड़ाने के अभियान का नेतृत्व करता है।

Bell Bottom के सेट पर वाइफ ट्विंकल को इंप्रेस करने के लिए अक्षय ने किए खूब स्टंट्स, VIDEO - akshay kumar bollywood actor bell bottom twinkle khanna impress perform stunt tmov - AajTak

यह पूछे जाने पर कि क्या भुला दिए गए नायकों को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रवाद का नया चेहरा बनाया जा रहा है, कुमार ने कहा, “राष्ट्रवाद को प्रदर्शित करने में सिनेमा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुमार ने पीटीआई-भाषा को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा, “यह जरूरी है कि हम ऐसे लोगों के बारे में सभी को बताएं जिन्होंने देश के लिए इतना कुछ किया है और खतरे उठाए हैं।

मुझे खुशी है कि मुझे ‘बेल बॉटम’ में अभिनय करने का मौका मिला जो कि भुला दिए गए एक नायक पर आधारित है।” इससे पहले कुमार ने एक्शन और देशभक्ति से भरी कई फिल्मों में काम किया है। इनमें “हॉलिडे”, “बेबी”, “एयरलिफ्ट”, “केसरी” और “मिशन मंगल” शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म के जरिये मैं दर्शकों का परिचय एक एजेंट की जिंदगी से कराना चाहता हूं जो भुला दिए गए नायक हैं।

मैं चाहता हूं कि दर्शक यह समझें कि वे कैसे नि:स्वार्थ भाव से देश के लिए काम करते हैं और बदले में कुछ नहीं चाहते। और कैसे उनके बारे में कोई नहीं जानता। उनकी जिंदगी के बारे में लोगों को जानना चाहिए।” राष्ट्रवाद के बारे में पूछे जाने पर अभिनेता ने कहा, “मैं राष्ट्रवाद के बारे में जो सोचता हूं वह पर्दे पर फिल्मों के जरिये दिखाता हूं और राष्ट्रवाद के बारे में मैं यही कहना चाहता हूं।” उन्होंने कहा कि इन नायकों के योगदान को भुला दिया जाता है इसलिए इन्हें फिल्मों के जरिये दिखाया जाना चाहिए।

संबंधित समाचार