कर्नाटक सरकार के फैसले से फूल उत्पादकों-विक्रेताओं में रोष, विरोध में किया प्रदर्शन

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Edited By Amrit Vichar
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बेंगलुरू। सरकारी कार्यक्रमों में माला व फूलों के गुलदस्ते देने पर रोक लगाए जाने के खिलाफ फूल उत्पादकों और विक्रेताओं ने बृहस्पतिवार को बेंगलुरू के अंतरराष्ट्रीय फूल नीलामी बाजार में विरोध प्रदर्शन किया और इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य में फूलों की खेती करने …

बेंगलुरू। सरकारी कार्यक्रमों में माला व फूलों के गुलदस्ते देने पर रोक लगाए जाने के खिलाफ फूल उत्पादकों और विक्रेताओं ने बृहस्पतिवार को बेंगलुरू के अंतरराष्ट्रीय फूल नीलामी बाजार में विरोध प्रदर्शन किया और इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य में फूलों की खेती करने वाले किसानों पर बोझ पड़ेगा जो कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुयी कठिनाई से उबर रहे हैं।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के निर्देशों का पालन करते हुए कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को सरकारी कार्यक्रमों में माला, शॉल, फूलों के गुलदस्ते, फलों की टोकरियाँ और यादगार वस्तुएं देने के चलन पर रोक लगाते हुए एक परिपत्र जारी किया और कहा कि इसके बदले कन्नड़ भाषा में लिखी पुस्तकें दी जा सकती हैं।

साउथ इंडिया फ्लोरिकल्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष टी एम अरविंद ने कहा कि इस फैसले से राज्य में 7,500 हेक्टेयर भूमि में फूलों की खेती में लगे हजारों किसानों के परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई वैज्ञानिक सोच नहीं है तथा इस प्रतिबंध से फूल उत्पादक और अधिक प्रभावित होंगे जो पहले से ही महामारी के कारण परेशान हैं।

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