बरेली: तीन प्रमुख विषयों के आधार पर करें प्रवेश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर महाविद्यालयों के द्वारा समस्याएं गिनायी जा रही हैं। बीकॉम में प्रवेश को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही थीं। इसको लेकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्पष्टीकरण जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि तीन मुख्य विषयों को आधार मानकर प्रवेश सुनिश्चित करें। कुलसचिव …

बरेली, अमृत विचार। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर महाविद्यालयों के द्वारा समस्याएं गिनायी जा रही हैं। बीकॉम में प्रवेश को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही थीं। इसको लेकर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्पष्टीकरण जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि तीन मुख्य विषयों को आधार मानकर प्रवेश सुनिश्चित करें। कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महाविद्यालय समय पर प्रवेश करें।

कुलसचिव ने स्पष्ट किया है कि बीकॉम में प्रवेश को लेकर स्पष्ट है कि त्रिवर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों यानी बीए, बीएससी व बीकॉम में प्रवेश के संबंध में विषय संयोजन संबंधी नियम एक समान है। यदि कोई छात्र वाणिज्य संकाय का चयन करता है तो उस छात्र को दो मुख्य विषय (मेजर सब्जेक्ट) अनिवार्य रूप से स्वयं के संकाय से चयन करना होगा।

तीसरा मुख्य विषय स्वयं के संकाय के अलावा अन्य संकाय से कर सकता है। यदि कोई छात्र तीसरा मुख्य विषय स्वयं के संकाय से चयन करता है तो चौथा गौण पेपर (माइनर इलेक्टिव पेपर) अन्य संकाय से चयनित करना होगा। इससे साफ है कि तीसरा मुख्य विषय या चौथा गौण पेपर में से कोई एक दूसरे संकाय से चयन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र तीसरा मुख्य विषय दूसरे संकाय से या किसी अन्य संकाय से चयनित कर सकता है। इससे साफ है कि प्रत्येक परिस्थिति में तीसरे मुख्य विषय या चौथे गौण पेपर में से कोई एक अन्य संकाय से चयनित करना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत समान न्यूनतम पाठ्यक्रम के तहत शासन के दिशा-निर्देशों के तहत ही प्रवेश करने होंगे।

सभी संस्थानों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम का अनुपालन होगा। ऐसे में सभी महाविद्यालय तीन प्रमुख विषयों को आधार मानकर प्रवेश सुनिश्चित करें। गौण पेपर छात्रों द्वारा प्रथम या द्वितीय किसी एक सेमेस्टर में से चुना जाना है। इसके लिए महाविद्यालय प्रवेश के बाद संस्थान में उपलब्ध विषयों में से विकल्प प्रदान कर छात्रों से च्वाइस लेकर आवंटित कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम दो वर्षों यानी चार सेमेस्टर के प्रत्येक सेमेस्टर में 3 क्रेडिट का एक रोजगार परक यानी कौशल विकास पाठ्यक्रम पूर्ण करना होगा। इसके अलावा स्नातक स्तर पर छात्र को प्रत्येक सेमेस्टर में सह पाठ्यक्रम करना अनिवार्य होगा।

यदि पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं है तो महाविद्यालयों को यूजीसी, स्वयं या एमओओसीएस आदि से ऑनलाइन पाठ्यक्रम कराने की छूट दी जाती है। वोकेशनल पाठ्यक्रम और सह पाठ्यक्रम को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, इसे जल्द ही महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। कुलसचिव ने स्पष्ट किया है कि कई महाविद्यालय छात्र के स्वयं के संकाय को गलत समझ रहे हैं। छात्र के स्वयं के संकाय का मतलब है कि संकाय से छात्र मुख्य दो विषयों का चयन करता है न कि उस छात्र की इंटरमीडियट की स्ट्रीम से है।

महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) ने महाविद्यालयों में स्नातक में प्रवेश की तिथि 31 अगस्त निर्धारित की है। प्रवेशित छात्रों का विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किए हैं। इसके बाद यदि प्रवेश होते हैं तो 8 सितंबर तक 400 रुपये और 14 सितंबर तक 600 रुपये छात्रों को विलंब शुल्क देना होगा। जिस तरह से महाविद्यालयों में सुस्त गति से प्रवेश हो रहे हैं, उससे तो यही लग रहा है कि प्रवेश लेने वाले छात्रों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सबसे अधिक प्रवेश बरेली कॉलेज में होते हैं लेकिन अभी वहां प्रवेश ही शुरू नहीं हो सके हैं।

अन्य महाविद्यालयों के हालात भी कुछ इसी तरह के हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष की करीब पौने दो लाख सीट हैं, जिसमें अभी तक सिर्फ 5260 प्रवेश हुए हैं। बरेली कॉलेज समेत अन्य महाविद्यालय इसी को आधार बनाकर प्रवेश शुरू न होने का हवाला दे रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रवेश नियमावली में अधिक परिवर्तन नहीं किया गया है। सिर्फ गेप ईयर को खत्म किया गया है।

बरेली कॉलेज की ओर से बुधवार को विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर मांग की गई है कि कुलपति से वार्ता के अनुसार संकाय निर्धारित कर प्रवेश सुनिश्चित किए जाएंगे। प्रवेश नियमावली उपलब्ध करायी जाए। इसके अलावा मेरिट जारी करने के बाद 15 दिन प्रवेश के लिए दिए जाएं। प्रवेश समन्वय डा. वीपी सिंह ने बताया कि मेरिट जारी होने के बाद कम समय में प्रवेश में दिक्कत होगी। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम तक 4480 सीटों के सापेक्ष 8672 पंजीकरण हो चुके हैं। सबसे ज्यादा पंजीकरण बीए की 1840 सीटों के सापेक्ष 4499 पंजीकरण हो चुके हैं।

संबंधित समाचार