बरेली: इस बार नहीं रोका जाएगा किसी छात्र का रिजल्ट

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बरेली, अमृत विचार। अक्सर रिजल्ट में पास होने के बाद भी कई छात्र आरडी (रिजल्ट डिटेन) लगने की समस्या से परेशान रहते थे। रिजल्ट ठीक कराने के लिए उन्हें विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने होते थे। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के प्रोन्नत छात्रों का रिजल्ट जारी करने से पहले इस …

बरेली, अमृत विचार। अक्सर रिजल्ट में पास होने के बाद भी कई छात्र आरडी (रिजल्ट डिटेन) लगने की समस्या से परेशान रहते थे। रिजल्ट ठीक कराने के लिए उन्हें विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने होते थे। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के प्रोन्नत छात्रों का रिजल्ट जारी करने से पहले इस समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए हैं ताकि छात्र को परेशान न होना पड़े। कुलपति के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद ने परीक्षा विभाग के सभी पटल सहायकों और महाविद्यालयों को आरडी की समस्या के निस्तारण के लिए पत्र जारी किए हैं। इससे साफ है कि इस बार किसी छात्र का आरडी के चलते रिजल्ट नहीं रोका जाएगा।

इस बार स्नातक प्रथम व परास्नातक प्रथम वर्ष में करीब पौने दो लाख प्रोन्नत हुए हैं। इन छात्रों की अगले सत्र की कक्षाएं संचालित हो गई हैं लेकिन रिजल्ट जारी नहीं हुआ है। रिजल्ट जारी होने से पहले रिपोर्ट तैयार की गई तो पाया कि 1016 छात्रों की आरडी लगी है। इनमें करीब 700 परास्नातक और 300 स्नातक के हैं।

इसका मतलब है कि इनका रिजल्ट जारी नहीं होता। ऐसे में यह छात्र अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पाते और फिर इनकी कक्षाएं संचालित नहीं हो पातीं। जबकि शासन ने सभी को पास करने के निर्देश दिए हैं। जिन छात्रों की आरडी लगी है, उनमें परीक्षा फार्म भरने के दौरान दिक्कतें आयी हैं। इसमें सबसे पहली गलती महाविद्यालयों की है, जिन्होंने बिना जांच के परीक्षा फार्म स्वीकृत कर विश्वविद्यालय में भेज दिए। उसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इनके फार्म सही से नहीं देखे गए।

जिन वजहों से आरडी लगी हैं, उनमें देखा गया है कि कुछ छात्रों ने विषयों का चयन गलत किया है। किसी ने चार की जगह तीन विषय भरे हैं। इसके अलावा दूसरे विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले छात्रों ने एकल विषय का फार्म भर दिया, जबकि यह व्यवस्था सिर्फ एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले छात्रों के लिए है। इसी तरह से परीक्षा फार्म में नामांकन संख्या न भरने समेत अन्य की वजह हैं।

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