बरेली: पुलिस कर्मियों की दबंगई ने भड़काईं धार्मिक भावनाएं, बवाल
बरेली, अमृत विचार। किला पुलिस और बाकरगंज के समुदाय विशेष के बीच धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर गुरुवार रात विवाद हो गया। इसके चलते लोगों ने बाकरगंज चौकी का घेराव किया। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस कर्मियों पर शराब के नशे में गली में रखे ताजिए में तोड़फोड़ व जबरन घर में घुसकर महिलाओं …
बरेली, अमृत विचार। किला पुलिस और बाकरगंज के समुदाय विशेष के बीच धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर गुरुवार रात विवाद हो गया। इसके चलते लोगों ने बाकरगंज चौकी का घेराव किया। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस कर्मियों पर शराब के नशे में गली में रखे ताजिए में तोड़फोड़ व जबरन घर में घुसकर महिलाओं की वीडियो बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंचे पुलिस के अधिकारियों ने मामले को शांत कराया और रात में विवाद न हो इसलिए मौके पर पुलिस तैनात की।
बाकरगंज में गुरुवार रात चौकी इंचार्ज व चीता मोबाइल पुलिस गश्त कर रही थी। कुछ लोग झब्बू की टाल इलाके की एक गली में घर के बाहर ताजिया रखकर इबादत कर रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसी समय बाकरगंज चौकी इंचार्ज और दो चीता मोबाइल पुलिस गली में पहुंची और हंगामा करने लगे। उस समय ताजिए के आसपास केवल महिलाएं और लड़कियां मौजूद थीं। गली की रहने वाली महिलाओं ने बताया कि चीता मोबाइल का एक सिपाही शराब के नशे में आया और डंडा फटकारते हुए मौजूद महिलाओं से बदतमीजी करने लगा।
धार्मिक भावनाओं के चलते महिलाओं ने ताजिए को नुकसान न पहुंचाने की बात कही। इतने में ही बाकरगंज चौकी इंचार्ज और शराब के नशे में मौजूद चीता मोबाइल पुलिसकर्मी दबंगई पर उतर आए। आरोप है कि ताजिए पर डंडा मारते हुए तोड़फोड़ कर दी। आरोप है कि पुलिसकर्मियो ने गली में मौजूद महिलाओं व लड़कियों के साथ बदसुलूकी की। इस बात से नाराज लोगों ने चौकी का घेराव कर दिया और सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर सीओ द्वितीय के साथ पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया।
घर में घुसकर महिलाओं की बनाई वीडियो
घटना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि ताजिए में तोड़फोड़ करने के बाद डर की वजह से महिलाएं व लड़कियां घरों में चली गईं। इसके बावजूद भी पुलिसकर्मी घरों के दरबाजों पर डंडे मारते हुए अंदर घुस गए। पुलिसकर्मियों ने जबरन महिलाओं का नाम व पता पूछते हुए वीडियो बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ मारपीट की।
युवक की पिटाई कर दिव्यांग मां को दिया धक्का
गली की युवतियों ने बताया कि एक दुकानदार आकिल की पुलिसकर्मियों ने विरोध करने को लेकर पिटाई लगा दी। बेटे को पिटता देख उनकी दिव्यांग मां जब वहां पहुंची तो पुलिस कर्मियों ने नशे और दबंगई के चलते उन्हें भी नहीं बख्शा और धक्का दे डाला। उसकी मां देख नहीं पाती हैं।
वीडियो में तोड़फोड़ व गाली-गलौज करते दिखे पुलिसकर्मी
पुलिस कर्मियों की बदतमीजी देख गली की रहने वाली किशोरी घर की छत पर गईं और उनका वीडियो बनाने लगीं। वीडियो दो हिस्सों में बना, पहले हिस्से में तोड़फोड़ करने के बाद पुलिस कर्मी गाली देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि वीडियो के दूसरे हिस्से में युवती ने तोड़फोड़ के बाद फेंके गए सामान को रिकॉर्ड किया है।
विवाद की सूचना पर पहुंची तीन थानों की पुलिस
बाकरगंज पुलिस चौकी इंचार्ज ब्रजपाल सिंह ने जब हालात बिगड़ते देखे तो उन्होंने अपने अफसरों को मामले की सूचना दी। इसके बाद सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह, किला, कोतवाली व सुभाषनगर थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वहां मौलाना फहमी कासिम व अन्य लोगों को समझाते हुए मामला शांत कराया और भीड़ को घर भेजा।
पुलिस कह रही डीजे के पीछे विवाद की बात
सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह ने पुलिस कर्मियों द्वारा ताजिये की तोड़फोड़ व अन्य किसी तरह के कार्य से साफ इंकार किया है। उनका कहना है कि पुलिस कर्मी उन लोगों की तलाश कर रहे थे, जो बाहर से आकर देर रात जुआ खेलते हैं। इसी दौरान गली में डीजे बजता दिखाई दिया तो पुलिस स्पीकर लेकर चौकी आ गई थी। हालांकि बाद में खानकाह-ए-नियाजिया के मौलाना फहमी कासिम से बातचीत कर स्पीकर वापस कर दिया गया और मामला शांत करा दिया गया।
बाकरगंज में डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस डीजे चौकी ले आई। इस पर कुछ खुराफातियों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उनकी तलाश की जा रही है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
