बरेली: पूर्वी में नहीं होती मुखबिरी, पश्चिमी में मार दिए जाते हैं मुखबिर

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संजय शर्मा, बरेली। इसे पुलिस की सेटिंग कहे या स्मैक तस्करों का खौफ कि फतेहगंज पूर्वी में पुलिस को कोई मुखबिर नहीं मिलता। वहीं फतेहगंज पश्चिमी में स्मैक तस्कर मुखबिरी करने वाले को या तो गायब करा देते हैं या फिर उसकी हत्या करवा देते हैं। वहीं तस्करों का इतना खौफ है कि परिवार गुमशुदगी …

संजय शर्मा, बरेली। इसे पुलिस की सेटिंग कहे या स्मैक तस्करों का खौफ कि फतेहगंज पूर्वी में पुलिस को कोई मुखबिर नहीं मिलता। वहीं फतेहगंज पश्चिमी में स्मैक तस्कर मुखबिरी करने वाले को या तो गायब करा देते हैं या फिर उसकी हत्या करवा देते हैं। वहीं तस्करों का इतना खौफ है कि परिवार गुमशुदगी लिखवाकर भूल जाता है। इसके चलते फतेहगंज पूर्वी, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी और मीरगंज में सैकड़ों लोग स्मैक की तस्करी से जुड़े हैं। इन लोगों ने अरबों रुपये की संपत्ति जुटा ली है।

बताया जाता है कि कुछ लोगों के तो बड़े शहर में बड़े होटल हैं। इन चारों थानों में जाने वाले तमाम पुलिसकर्मी तस्करों की मदद कर मोटी रकम कमा लेते हैं। यहां तैनाती पाने के लिए लोग मोटा पैसा खर्च करने को भी तैयार रहते हैं। पुलिस अब फतेहगंज पूर्वी में छोटे प्रधान जैसे अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस का मानना है कि वहां ऐसे तमाम लोग हैं जो दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड में स्मैक की तस्करी करते हैं। वहीं फतेहगंज पश्चिमी में एक महिला तस्कर का नाम स्मैक तस्करी से जुड़ा है। पुलिस अब कई और लोगों की कुड़ली खंगाल रही है। इसके साथ ही उनकी मदद करने वाले इंस्पेक्टर, दरोगा, सिपाहियों का सिजरा भी खंगाला जा रहा है।

आज तक नहीं चला मुखबिर का पता
फतेहगंज पश्चिमी के सराय निवासी सब्बू पुलिस के साथ मिलकर स्मैक तस्करों की मुखबिरी करता था। इसकी जानकारी जब तस्करों को हुई तो उन्होंने 18 अगस्त 2017 को उसे गायब कर दिया। थाने में उसकी गुमशुदगी आज भी दर्ज है, लेकिन अब तक उसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

दवा कारोबारी की गोली मारकर हत्या
फतेहगंज पश्चिमी के रहने वाले दवा कारोबारी असलम की कुछ समय पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब यह सच सामने आया था कि असलम दिल्ली पुलिस की फर्जी क्राइम ब्रांच से मिलकर स्मैक तस्करों को पकड़वाने और फिर छुड़वाने के बदले मोटी रकम लिया करते थे। इस बात की जानकारी जब स्मैक तस्कर कल्लू डॉन को हुई तो उसने सुपारी देकर उनकी हत्या करवा दी थी। इस मामले में तत्कालीन क्राइम ब्रांच ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ले जाती है रुपया
दिल्ली में बरेली के कई स्मैक तस्कर पकड़े जा चुके हैं। उनके खिलाफ वहां पर एनडीपीएस के कई मामले दर्ज हैं। बताया जाता है कि दिल्ली पुलिस मीरगंज से लेकर फतेहगंज पूर्वी तक महीने में एक बार आती है और यहां से अपने हिस्से का महीना ले जाती है।

स्मैक तस्करों की तलाश की जा रही है। प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कई और लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। उनके खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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