बरेली के नेताओं के दिलों में बसते थे श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक कल्याण सिंह
बरेली, अमृत विचार। श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह बरेली के तमाम नेताओं के दिलों में बसते थे। कल्याण सिंह के निधन से उनके साथ संगठन को मजबूती देने वाले नेताओं को गहरा सदमा लगा है। उनके अंतिम दर्शन में शामिल होने के बरेली से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, …
बरेली, अमृत विचार। श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह बरेली के तमाम नेताओं के दिलों में बसते थे। कल्याण सिंह के निधन से उनके साथ संगठन को मजबूती देने वाले नेताओं को गहरा सदमा लगा है। उनके अंतिम दर्शन में शामिल होने के बरेली से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, शहर विधायक डा. अरुण कुमार, आंवला विधायक धर्मपाल सिंह, बिथरी विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल, बहोरन लाल और डीसी वर्मा समेत पार्टी के तमाम पदाधिकारी भी लखनऊ के लिए रविवार को रवाना हो गए।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए कार सेवा में कल्याण सिंह के साथ रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी वीरेंद्र अटल कहते हैं कि कल्याण सिंह दिलों पर राज करते थे। उनका दिमाग कम्यूटर की तरह चलता था। हर ब्लॉक में उन्हें डेढ़ से दो सौ कार्यकर्ताओं के नाम याद रहते थे। एक बार मैने जब यह पूछा कि कैसे आप नाम याद रखते हैं तब उन्होंने राज की बात बताते हुए कि वह ब्लॉकों में एक कार्यकर्ता को पत्र लिखते हैं उसमें आठ से 10 लोगों के नाम लिखते हैं। बरेली के लोगों से उन्हें विशेष लगाव था।
कला शिक्षक/ मीडिया कार्टूनिस्ट दिवाकर आर्य बताते हैं कि किला ओवरब्रिज के पास पूर्व राज्यमंत्री स्व. सत्यप्रकाश अग्रवाल की प्रतिमा के अनावरण समारोह में 21 सितंबर 1992 को तत्कालीन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश कल्याण सिंह बरेली आए थे। उन्होंने मलूकपुर कांड के शहीद स्व.सत्यप्रकाश अग्रवाल की प्रतिमा का अनावरण किया था। वह कहते हैं कि मेरे पिता लोकतंत्र रक्षक सेनानी ओम प्रकाश आर्य ने उस समारोह का संचालन किया था।
कल्याण सिंह के निधन पर अदालतों में भी अवकाश
राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर सोमवार को अदालतों में भी अवकाश रहेगा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला जज ने सभी अधीनस्थ अदालतों में अवकाश रहने का आदेश जारी कर दिया है।
