बरेली: नाबालिग से दुष्कर्म की रिपोर्ट नहीं की दर्ज, पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कोर्ट में अर्जी
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। जरी का काम करने वाले दम्पत्ति को सूदखोरी के जाल मे फांस कर मकान हड़पने और उसकी नाबालिग बेटी से कई वर्षों तक लगातार दुष्कर्म करने के आरोपी जगतपुर निवासी राहुल गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर पीड़िता की मां ने अपने अधिवक्ता अमजद सलीम …
विधि संवाददाता, बरेली, अमृत विचार। जरी का काम करने वाले दम्पत्ति को सूदखोरी के जाल मे फांस कर मकान हड़पने और उसकी नाबालिग बेटी से कई वर्षों तक लगातार दुष्कर्म करने के आरोपी जगतपुर निवासी राहुल गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
इस पर पीड़िता की मां ने अपने अधिवक्ता अमजद सलीम के जरिए सीजेएम कोर्ट में पुलिस अधिकारियों जिनमें तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना बारादरी ओपेन्द्र यादव, तत्कालीन चौकी इंचार्ज जगतपुर गौरव विश्नोई, मौजूदा प्रभारी निरीक्षक थाना बारादरी नीरज मलिक और सीओ तृतीय साद मियां के विरुद्ध अदालत में अर्जी दी है। मां ने नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न करने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिये जाने को अर्जी दी है। कोर्ट ने बारादरी पुलिस से मामले में आख्या तलब करते हुए सुनवाई को आगामी 7 सितम्बर की तिथि नियत की है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अमजद सलीम ने बताया कि वादिनी की बड़ी बेटी का निकाह होना था। धन न होने पर 13 फरवरी 2018 को दो लाख रुपये सूदखोर राहुल गुप्ता से लिये थे। राहुल ने चालाकी से मकान का इकरारनामा अपने पक्ष में करवा लिया। इकरारनामा में दी जाने वाली रकम तीन लाख दर्शा दी थी। कई माह तक दम्पत्ति ने राहुल को बीस हजार रुपये प्रतिमाह किस्त अदा की थी। बीच में एक किस्त टूटने पर राहुल ने घर पर आकर दम्पत्ति के साथ मारपीट की थी व हथियारों के बल पर उनकी छोटी पुत्री (15 वर्ष) के साथ दुष्कर्म किया था।
शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से करने के बाद भी आरोपी राहुल के विरुद्ध दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। इससे राहुल के हौंसले बुलंद हो गये थे। उसने धमकाकर 11 जनवरी 2019 को मकान की रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा ली और बेटी से लगातार दुष्कर्म करता रहा। उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली। बेटी की शादी तय होने पर राहुल ने वीडियो वायरल कर दी थी जिससे शादी टूट गयी थी। इस घटना से पूरा परिवार सदमे मे आ गया मगर पुलिस ने आरोपी के विरूद्व कोई कार्रवाही नही की गंभीर आरोप होने के बावजूद आरोपी के विरूद्व केवल मारपीट व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की।
जिस पर वादिनी ने पॉक्सो कोर्ट में आरोपी के विरूद्व अपने वकील के जरिए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराये जाने को अर्जी दी थी। अर्जी वर्तमान में कोर्ट में लम्बित है। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म होने की रिपोर्ट दर्ज न करने पर पीड़िता की मां ने पुलिस के अधिकारियों को विपक्षी बनाते हुए उनके विरूद्व मुकदमा दर्ज कराये जाने को अदालत से याचना की है।
क्या कहता है कानून
क्रिमनल लॉ अमेन्डमेंट एक्ट-2013 जोकि 3 फरवरी 2013 से प्रवृत्त हुआ है, पुलिस अधिकारी दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज किये जाने के लिए बाध्य हैं। नाबालिग से दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न कर पुलिस अधिकारियों ने धारा 166 ए (सी) आईपीसी के अंतर्गत अपराध किया है। जिस पर अधिकारियों के विरुद्ध कोर्ट केस दर्ज किये जाने का आदेश दे सकती है।
