बरेली: अपात्र का बनवाया आवास, तीन अफसर समेत चार पर रिपोर्ट
बरेली/नवाबगंज, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा घपला पकड़ा गया है। अधिकारी पात्र लाभार्थी को बेबकूफ बनाते रहे और अपात्र से मोटी रकम लेकर उसका नाम आवास के लिए अपलोड कराकर धनराशि भी स्वीकृत करा दी। यहां तक आवास भी बनवा दिया। पीड़ित महिला ने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की। मामले की जांच …
बरेली/नवाबगंज, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा घपला पकड़ा गया है। अधिकारी पात्र लाभार्थी को बेबकूफ बनाते रहे और अपात्र से मोटी रकम लेकर उसका नाम आवास के लिए अपलोड कराकर धनराशि भी स्वीकृत करा दी। यहां तक आवास भी बनवा दिया। पीड़ित महिला ने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की। मामले की जांच में अधिकारियों की धोखाधड़ी और जालसाजी सामने आयी।
बीडीओ की ओर से प्रकरण में ग्राम पंचायत अधिकारी, लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता, सहायक विकास अधिकारी और सहायक लेखाकार के खिलाफ नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी है। बताते हैं कि इन अधिकारियों ने किन-किन लोगों के आवास स्वीकृत कराकर बनवाए हैं, उनकी भी जांच करायी जाएगी। एफआईआर के बाद अधिकारियों को निलंबित करने के लिए बीडीओ ने जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी और सीडीओ को रिपोर्ट भेजी है।
खंड विकास अधिकारी चंद्रमोहन कन्नौजिया ने दर्ज करायी रिपोर्ट में बताया है कि ग्राम पंचायत फाजिलपुर विकास खंड नवाबगंज के ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजना की पात्र लाभार्थी लक्ष्मी देवी पत्नी महेश चंद्र निवासी फाजिलपुर का आवास स्वीकृत किया था। ग्राम पंचायत अधिकारी ने कूट रचित ढंग से स्वीकृत लाभार्थी के स्थान पर उसी गांव की लक्ष्मी देवी पत्नी श्रीपाल का खाता फीड करा दिया। इसके बाद₹ 1.2 लाख रुपये की तीन किस्तें भी जारी करा दीं और आवास पूर्ण करा दिया।
जबकि पात्र लाभार्थी लक्षमी देवी जब भी आवास के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी से पूछती थी तब वह यही झूठा आश्वासन देते थे कि शीघ्र ही तुम्हारा आवास स्वीकृत करा देंगे। लंबे समय भटकने के बाद आवास स्वीकृत नहीं हुआ तब पात्र लक्ष्मी देवी ने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की।
नियम के विरुद्ध आवास की स्वीकृति का प्रस्ताव स्वीकृत कर लाभार्थी के स्थान पर अपात्र को लाभ पहुंचाने का आरोप सही पाया गया। इस पर खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर नवाबगंज पुलिस ने ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना, सहायक विकास अधिकारी राजेश कुमार, अवर अभियंता लघु सिंचाई हर्षवर्धन और सहायक लेखाकार कृष्ण कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इधर, प्रभारी निरीक्षक धनंजय सिंह ने बताया कि तीन अधिकारियों समेत चार के विरुद्ध कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच शुरू करा दी है।
रिठौरा में पक्का मकान बनाने वाले को दिया आवास, जांच शुरू
रिठौरा के ग्राम खाता मजरा निवासी डबलू पुत्र चंद्रसेन ने तहसील सदर में शिकायत की है कि उसके गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास बनवाने के लिए पात्रता सूची बनी थी। जिसकी सूची क्रमांक 229898500711 पर रामनाथ का नाम दर्ज है। जबकि रामनाथ पात्र सूची में नहीं आता है। उसने हाल ही में अपना कई कमरों का पक्का मकान बनवाया है। 18 बीघा जमीन भी है। अधिकारियों से साठगांठ करते हुए उसने आवास स्वीकृत करा लिया। मामले में एसडीएम सदर विशु राजा ने पीओ डूडा को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे पीड़ित लोग आवास के लिए भटक रहे
सुमन श्रीवास्तव निवासी कालीचरन मार्ग सुभाषनगर ने एसडीएम सदर को शिकायती पत्र देते हुए कहा कि उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। उसके पति पुलिस विभाग में सिपाही हैं। पति ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर दहेज की मांग पूरी न होने पर वर्ष 2018 में घर से निकाल दिया। तब से वह अपने मां-बाप के साथ रह रही है। उसका तलाक का केस न्यायालय में विचाराधीन है। उसके मायके में भी रहने के लिए ज्यादा जगह नहीं हैं। पांच-भाई बहन हैं। उसने एसडीएम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलवाने की गुहार लगायी। एसडीएम ने पीओ डूडा से जांच आख्या मांगी है।
