वाराणसी: करीब 5 महीने बाद अपने पुराने स्वरूप में शुरू गंगा आरती
वाराणसी। कोरोना ने सभी कार्यक्रमों पर फुलस्टाप लगा दिया है। फिर चाहे वो धार्मिक ही क्यों न हो। इसी बीच अब उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति कंट्रोल में आती जा रही है। इसके चलते अब करीब 5 महीनों बाद काशी के घात पर महाआरती का आयोजन पुराने तरीके से फिर से हुआ। कोरोना के …
वाराणसी। कोरोना ने सभी कार्यक्रमों पर फुलस्टाप लगा दिया है। फिर चाहे वो धार्मिक ही क्यों न हो। इसी बीच अब उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति कंट्रोल में आती जा रही है। इसके चलते अब करीब 5 महीनों बाद काशी के घात पर महाआरती का आयोजन पुराने तरीके से फिर से हुआ। कोरोना के मामलों में तेजी आने के बाद लॉकडाउन लग गया था। जिसके बाद प्रशासन ने सांकेतिक आरती की अनुमति दी थी । गंगा आरती एक अर्चक के साथ सांकेतिक रूप से आयोजित करने की अनुमति थी। लेकिन अब करीब 140 दिनों के बाद शनिवार को फिर से गंगा की दैनिक आरती अपने पुराने स्वरूप में शुरू हुई।

140 दिनों बाद दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती 7 अर्चकों के साथ हुई। अर्चकों के साथ 14 देव कन्याएं भी महाआरती में शामिल हुईं। पिछले साल भी करीब 8 महीने तक गंगा आरती एक अर्चक के साथ सांकेतिक रूप से आयोजित करने की अनुमति थी। इस बात की जानकारी गंगा आरती कराने वाले संस्था गंगा सेवा निधि के सुशांत मिश्र ने दी। शनिवार को पूरे विधि-विधान के साथ गंगा आरती शुरु करवाई गई। महीनों बाद आरती होने के चलते घाटों को भी सजाया गया था।
