बाराबंकी: उफनाई सरयू नदी, दर्जनों गांव हुए जलमग्न, पलायन को मजबूर ग्रामीण

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बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं गांव के अंदर पानी पहुंच गया है संपर्क मार्ग पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं गांव के चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ …

बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं गांव के अंदर पानी पहुंच गया है संपर्क मार्ग पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं गांव के चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। लगातार बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाराबंकी जिले के तहसील सिरौलीगौसपुर के करीब 2 दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांव के चारों तरफ तथा गांव के अंदर बाढ़ के पानी ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। लोग अपने छोटे बच्चों के साथ पलायन करने को मजबूर हैं।

बीती रात अचानक बड़े सरयू नदी के जल स्तर से गणेशपुर में घाघरा घाट पर लगे मीटर गेज पर नदी का जलस्तर 106,496 पर था जो खतरे के निशान से लगभग 40 सेन्टीमीटर ऊपर है। बढ़े नदी के जलस्तर से सिरौलीगौसपुर के तराई क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है नदी के किनारे बसे टेपरा सनावा कहरानपुरवा गोबरहा, तेलवारी सरायसुर्जन, बघौलीपुरवा नव्वनपुरवा मझरायपुर, माझा आदि गांव में बाढ़ का पानी पूरी तरह से भर चुका है।लोग पलायन कर सुरक्षित स्थान पर निकल रहे है। इन सभी गांव के संपर्क मार्ग ही पूरी तरह से नदी में समा चुके हैं जिसके चलते लोगों को पलायन करने में दिक्कतें आ रही हैं लोग अपने परिवार और बच्चों को अपने कंधे पर बैठाकर पलायन कर रहे है।

प्रशासन ने अभी तक इस क्षेत्र में नाव की भी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाई है। जिससे लोगों को गहरे पानी में होकर गुजरना पड़ रहा है।
जिस प्रकार नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है उससे साफ अंदाज लागया जा रहा है की बचे हुए गाँव भी जल्द बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे जिसमें कोठीडीहा सिरौलीगूंग, बाबूरी, बेहटा, घुटरू, भयकपुरवा, सरदाहा आदि गांव देर रात तक पानी से भर जायेगे।

बढ़ रहे जलस्तर से यहां पर मवेशियों के चारे का भी संकट गहराता जा रहा है यहां के लोगों ने बताया कि अभी प्रशासन की तरफ से कोई भी अधिकारी नहीं आया है ऐसे में नदी के बढ़ते जलस्तर की सूचना भी नहीं मिल पा रही है पानी देखकर हम सभी लोग पलायन करके अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर शरण ले रहे हैं। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद 1 महीने से अलर्ट मोड़ पर चल रहे तहसील प्रशासन अभी तक नाव की उचित व्यवस्था नहीं कर पाई है ना तो पूरे क्षेत्र में एक भी बाढ़ चौकी बनाई गई है इसकी तैयारी पूर्व से की जा रही थी मगर अब बाढ़ आने के बाद ना तो तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी बाढ़ पर दिखा और ना ही लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नाव दिखाई पड़ी है।

इससे साफ पता चलता है की बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन पहले से अलर्ट नहीं था स्कूल अस्पताल व मंदिर सहित अन्य धर्मिक स्थल हुए जलमग्न लगातार बढ़ रहे सरयू नदी के जलस्तर से गोबरहा गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया है अस्पताल परिसर से लेकर अंदर तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है ऐसे में यहां के लोगों को उचित इलाज मिलना आसान नहीं है। तेलवारी गांव में प्राथमिक विद्यालय भी बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गया है। पंडित गोबरहा में शंकर जी का मंदिर सहित अन्य स्थान नदी में डूबे हुए है।

क्षेत्र के लगभग सभी सरकारी व प्राइवेट हैंडपंप नदी के पानी मे डूब गए हैं जिसके चलते यहां पर पेयजल भी संकट चरम पर है अब लोगों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल रहा है लोग उसी नदी का पानी पीकर दिन काट रहे हैं ऐसे में यहां के लोगों की मुसीबतें और भी बढ़ गई हैं। सिरौलीगौसपुर के उप जिलाधिकारी सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि तहसीलदार को मौके पर भेजकर चिन्हित जगह पर नाव की व्यवस्था की जा रही है जहां पर ज्यादा पानी भर गया है वहां से लोगों को निकालने का कार्य किया जा रहा।

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