लखनऊ: पुलिस की लापरवाही बनी निजी सचिव की आत्महत्या के प्रयास का कारण!

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लखनऊ। सचिवालय के निजी सचिव विशंभर दयाल के सोमवार को आत्मदाह के प्रयास के मामले की जांच लखनऊ जोन की आईजी लक्ष्मी सिंह ने शुरू कर दी है। ऐसा लग रहा है कि बहन द्वारा दर्ज मुकदमें में कार्रवाई न होने से वह तनाव में थे और इसीलिए उन्होंने यह कदम उठाया। कार्यालय से मिले …

लखनऊ। सचिवालय के निजी सचिव विशंभर दयाल के सोमवार को आत्मदाह के प्रयास के मामले की जांच लखनऊ जोन की आईजी लक्ष्मी सिंह ने शुरू कर दी है। ऐसा लग रहा है कि बहन द्वारा दर्ज मुकदमें में कार्रवाई न होने से वह तनाव में थे और इसीलिए उन्होंने यह कदम उठाया। कार्यालय से मिले सुसाइट नोट में लिखी बातों की जांच करने के लिए आईजी सोमवार देर रात ही लोहिया संस्थान पहुंची। यहां उन्होंने निजी सचिव के परिजनों से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि सुसाइट नोट में विशंभर दयाल ने औरास थाने में उनकी बहन द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमें में कार्रवाई न होने से तनाव में आकर यह कदम उठाने की बात लिखी है।

परिजनों से पूछताछ करने के बाद आईजी उन्नाव के औरास थाने पहुंची। यहां दर्ज सभी मामलों की विवेचना से वह संतुष्ट दिखी, हालांकि निजी सचिव की बहन द्वारा दर्ज कराए गए एक मुकदमें में लापरवाही बरतने पर उन्होंने औरास थानाध्यक्ष हरि प्रसाद अहिरवार व मुकदमे के विवेचक दारोगा को निलंबित कर दिया है। विश्वम्भर दयाल की बहन रामदेवी की शादी औरास के बहादुरपुर खंझड़ी गांव निवासी पप्पू से हुई है। पप्पू का अपने चाचा बाबूलाल से जमीनी विवाद चल रहा है।

विपक्षी ने पप्पू के खिलाफ औरास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें निजी सचिव को भी नामजद किया गया था। वहीं निजी सचिव के भांजे छोटू ने औरास थाने में चाचा के खिलाफ मारपीट और बहन से छेड़छाड़ का आरोप लगा तहरीर दी थी। जिसमें पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बजाय एनसीआर दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया था। विश्वम्भर ने कई बार थानेदार और अफसरों को फोन किया लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही थी। इसकी वजह से काफी तनाव में थे।

विवेचना के दौरान हटा दिया गया था नाम

निजी सचिव की बहन का औरास में ही अपने ससुरालीजनों से 2019 में झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें विपक्षी पार्टी ने निजी सचिव विशंभर दयाल को भी नामजद किया गया था। आईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान निजी सचिव, उनकी बहन व भांजों का नाम निकाल दिया गया था।

मई में हुई थी मारपीट

निजी सचिव की बहन का मई माह में अपने पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। दोनों पक्ष ही शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे। इसमें निजी सचिव की बहन को पुलिस ने पाबंद कर दिया था। वहीं लड़ाई के दौरान निजी सचिव के भांजे का हाथ टूट गया था। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद भी एसओ औरास ने मुकदमें में धाराएं बढ़ाकर अग्रिम कार्रवाई नहीं की थी। इसी के चलते आईजी लक्ष्मी सिंह ने एसओ के साथ ही दारोगा को भी निलंबित कर दिया। आईजी ने बताया कि अगस्त माह में भी उनकी बहन ने लड़ाई से संबंधित एक मुकदमा दर्ज कराया है। जिसकी जांच चल रही है।

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