बरेली: अनुमति के इंतजार में तीन साल से फंसे हैं हस्तानांतरित नौ विद्यालय
बरेली, अमृत विचार। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन छात्रों की सुविधा के लिए जिले में अलग – अलग तहसीलों में निर्माण कराए गए नौ माध्यमिक स्कूलों को तीन वर्षों से संचालित करने की अनुमित ही नहीं दी गई है। जबकि स्कूलों को निर्माण कार्य …
बरेली, अमृत विचार। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन छात्रों की सुविधा के लिए जिले में अलग – अलग तहसीलों में निर्माण कराए गए नौ माध्यमिक स्कूलों को तीन वर्षों से संचालित करने की अनुमित ही नहीं दी गई है। जबकि स्कूलों को निर्माण कार्य पूरा कर शिक्षा विभाग को हस्तानांतरित भी किया जा चुका है। नतीजतन, अब इन स्कूलों की स्थिती रखरखाव में अभाव के कारण जर्जर होती जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा इन विद्यालयों के संचालन की अनुमति के लिए कई बार पत्राचार कर अनुमित मांगी गई लेकिन अभी तक इस दिशा में शासन की ओर से कोई संकेत नही दिए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत इन विद्यालायों का निर्माण कराया गया था। उम्मीद थी की यहां के स्थानीय छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर – दराज के क्षेत्रों में नही जाना पड़ेगा। निर्माण के बाद कार्यदायी संस्था द्वारा निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा कर विभाग को सौंप दिया गया है। विद्यालय का निर्माण अल्पसंख्यक विभाग द्वारा काराया गया था। निर्मित कुल नौ विद्यालयों में से तीन विद्यालयों की स्थिती दिन प्रति दिन जर्जर होती जा रही है। बाकी अन्य स्कूलों का रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है।
अनुमति के इंतजार में जर्जर हो रहे यह विद्यालय
- जीआईसी नबावगंज, बरौर,
- जीआईसी बिथरी चैनपुर, बालीपुर अहमदपुर
- जीआईसी बहेड़ी, मुडिया जागीर
- जीआईसी हाफिज गंज
- जीआईसी सेंथल
- जीआईसी पहाड़पुर
- जीआईसी फतेहगंज,तुलसापट्टी
- जीआईसी पैंगा, रिछा
- जीआईसी उड़ला जागीर
इन विद्यालयों के संचालन के लिए पत्राचार के अलावा फोन के जरिए भी व्यक्तिगत तौर से अनुमति की मांग की जाती रही है। इस माह फिर से पत्र तैयार कर अनुमति के लिए पत्र भेजा जाएगा। -डा. अमरकांत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, बरेली
