बरेली: हरे पेड़ों को काटने की जल्दबाजी बस अड्डे के निर्माण में नहीं दिखी
बरेली, अमृत विचार। मिनी बाईपास पर हरे पेड़ों को कटवाने में जिस तरह से प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्दबाजी दिखायी थी, उस तरह की जल्दबाजी रोडवेज बस अड्डा के निर्माण में नहीं दिख रही है। सात दिन में 760 से अधिक पेड़ों को धराशायी कर दिया था। पेड़ों को काटे जाने के बाद करीब एक माह …
बरेली, अमृत विचार। मिनी बाईपास पर हरे पेड़ों को कटवाने में जिस तरह से प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्दबाजी दिखायी थी, उस तरह की जल्दबाजी रोडवेज बस अड्डा के निर्माण में नहीं दिख रही है। सात दिन में 760 से अधिक पेड़ों को धराशायी कर दिया था। पेड़ों को काटे जाने के बाद करीब एक माह होने को आया है लेकिन बस अड्डा निर्माण के लिए अभी तक नींव तक नहीं भरी गयी।
कुछ ईंटें तो जरूर लगा दीं लेकिन अब निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इससे अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल बस अड्डा निर्माण को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं। बुधवार को अमृत विचार के संवाददाता ने हरियाली से कंकरीट में बदली जमीन की स्थिति देखी तो वहां निर्माण कार्य बंद मिला।
केंद्रीय कारागार की जमीन पर शहर के तीसरा रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कराना मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल है। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से शासन द्वारा समय-समय पर उसके निर्माण को लेकर जानकार मांगी जाती है। करीब 17 करोड़ रुपए का बजट भी जारी हो चुका है। जिसमें बताया जा रहा है कि पांच करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए हैं। इसके बाद कार्यदायी संस्था के निर्देश पर वन विभाग ने वन निगम के जरिए 760 से अधिक पेड़ों को कटवा दिया था।
मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के अल्टीमेटम के बाद किसी तरह पिछले दिनों रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू तो कर दिया लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद अब कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया है। निर्माणधीन बस स्टैंड पर जायजा लिया गया तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि बारिश की वजह से अभी काम को रोका गया है। निर्माणदायी संस्था ने खाली जमीन पर कुछ कालम खड़े करने के बाद अब काम को रोक दिया गया है।
नए बस अड्डे से होगा 300 बसों का संचालन
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि पुराने बस अड्डे से इन दिनों करीब 500 बसों का संचालन किया जाता है। इज्जतनगर में बनने वाला बस अड्डा शुरू हो जाएगा तो वहां से करीब 300 बसों का संचालन किया जाएगा। इसके बाद पुराने बस अड्डे से महज 150-200 बसों का ही संचालन हुआ करेगा। पुराना बस अड्डा शहर के बीचों बीच स्थित है। बसों के यहां से आने-जाने के दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। बसों का बोझ कम होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
