लखनऊ: दुष्कर्म मामले में पुलिस की FR निरस्त कर कोर्ट ने दिया ये बड़ा आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमंबेदकर नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां, विधवा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपित सिपाही के केस में पुनः विवेचना होगी। सीजेएम ने पुलिस की ओर से भेजे गए फाइनल रिपोर्ट (FR) को निरस्त करते हुए पुनः विवेचना का आदेश प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अकबरपुर …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अमंबेदकर नगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां, विधवा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपित सिपाही के केस में पुनः विवेचना होगी। सीजेएम ने पुलिस की ओर से भेजे गए फाइनल रिपोर्ट (FR) को निरस्त करते हुए पुनः विवेचना का आदेश प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अकबरपुर को दिया है। बता दें कि बस्ती जनपद की रहने वाली विधवा वर्ष 2016 में थाना पुरानी बस्ती किसी काम से गयी थी। वहीं पर आरोपित सन्तोष कुमार यादव कांस्टेबिल के पद पर तैनात थे।
आरोप है कि कांस्टेबल ने विधवा का फोन नंबर ले लिया और बातों का सिलसिला इस कदर शुरू हुआ कि कांस्टेबल की माता, बहन व अन्य परिवार के सदस्यों से भी बात होने लगी। इतना ही नहीं शादी का झांसा देकर कांस्टेबल उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। महिला के गर्भवती हो जाने पर आरोपी शादी की बात को टालता रहा। 16 अगस्त 2019 को आरोपित ने अपनी कार से महिला के आवास पर गया और उसे डॉक्टर के यहां दिखाने के बहाने से कोतवाली अकबरपुर क्षेत्र के टांडा रोड स्थित एक हास्पिटल ले आया, जहां पर धोखे से दवा खिलाकर गर्भ में पल रहे बच्चे की हत्या करा दिया।
महिला ने कोतवाली अकबरपुर में गाजीपुर जिले के बसुका जमानियां निवासी कांस्टेबिल सन्तोष यादव उसकी माँ, भाई सत्येन्द्र यादव व अन्य के विरुद्ध तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया। मामले में पुलिस ने विवेचना के उपरांत फाइनल रिपोर्ट लगा दी। न्यायालय में पीड़िता ने प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र देकर अधिवक्ता विशाल कुमार सिंह कई तर्क दिए। अपराध की गंभीरता के दृष्टिगत सीजेएम ने फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए पुनः विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अकबरपुर को दिया है।
