लखनऊ: जल निगम कर्मचारी 9 सितंबर को सड़क पर उतरेंगे, जिलाधिकारी को सौपेंगे ज्ञापन
लखनऊ। राजधानी में जल निगम के 24 हजार कर्मचारी और पेंशनर 9 सितंबर को सड़कों पर उतरेंगे। यहां कर्मचारी जल निगम मुख्यालय से हजरतगंज तक रैली निकालकर विभाग को दो भागों में बांटने पर विरोध जताएंगे। बता दें कि पांच महीनों से वेतन व पेंशन ना मिलने से नाराज कर्मचारी और पेंशनर चार सूत्रीय मांगों …
लखनऊ। राजधानी में जल निगम के 24 हजार कर्मचारी और पेंशनर 9 सितंबर को सड़कों पर उतरेंगे। यहां कर्मचारी जल निगम मुख्यालय से हजरतगंज तक रैली निकालकर विभाग को दो भागों में बांटने पर विरोध जताएंगे।
बता दें कि पांच महीनों से वेतन व पेंशन ना मिलने से नाराज कर्मचारी और पेंशनर चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। प्रदेश भर से लगभग 10 हजार कर्मचारियों के इस आंदोलन में शामिल होने की संभावना है। यह जानकारी सोमवार को उत्तर प्रदेश जल निगम आदि ने संयुक्त रूप से दी है। उन्होंने कहा कि विभाग के आला अफसरों ने मुख्यमंत्री को गुमराह कर खर्च बढ़ाने के लिए निगम के दो भाग करवा दिए हैं।
इसके पहले भी समय-समय पर 8 कमेटियों और मंत्री समूह के गठन के बाद सभी की ओर से यहीं निर्णय लिया गया था कि जल निगम का अस्तित्व बनाए रखा जाए और दूसरी संस्थाओं की ओर से किए जा रहे कार्यों को भी जल निगम से कराया जाए।
वहीं, अबकी बार आला अफसरों ने मुख्यमंत्री को गुमराह कर इसे बिना कमेटी, बिना मंत्री समूह के दो भागों में विभाजित करा दिया है। जबकि जल निगम का विभिन्न विभागों पर सेंटेज का 1474 करोड़ रुपए बकायाा है। संघर्ष समिति ने सरकार से पहले जल निगम बंटवारे का आदेश रद्द कर कमेटी और मंत्री समूह गठन कर कार्मिक संघों की आपत्ति और सुझाव के बाद ही कोई निर्णय लेने की अपील की है।
