बरेली: जिला अस्पताल में 9 वर्ष के बच्चे ने बुखार से तोड़ा दम, अभी भी 6 से अधिक भर्ती
बरेली, अमृत विचार। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में वायरल बुखार के चलते भुता इलाके के एक 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चा वार्ड स्टाफ के अनुसार बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी। भर्ती के समय उसका ऑक्सीजन स्तर भी 68 …
बरेली, अमृत विचार। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में वायरल बुखार के चलते भुता इलाके के एक 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चा वार्ड स्टाफ के अनुसार बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी। भर्ती के समय उसका ऑक्सीजन स्तर भी 68 था और सीवीयर पॉयरेक्सिया से ग्रसित था। परिजनों ने बताया कि जिला अस्पताल से पहले बच्चों को चार निजी अस्पतालों में भी दिखाया था। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
भुता थाना क्षेत्र के फैजनगर गांव निवासी मनोहर लाल मजदूरी करता है और उसके दो बच्चे हैं, जिसमें सौरभ (9) छोटा है। सौरभ को 15 दिन पहले बुखार आया था। तब गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराने के बाद वह ठीक हो गया था। इसके बाद सप्ताह भर से लगातार बुखार आने पर निजी अस्पतालों में दिखाया गया, जहां कोई लाभ नहीं हुआ। सोमवार को हालत बेहद गंभीर होने पर दोपहर दो बजे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। उपचार के दौरान ही सौरभ ने दम तोड़ दिया।
ओपीडी में 150 बच्चों को दिया परामर्श
जिला अस्पताल स्थित बच्चा वार्ड में ओपीडी के दौरान कुल 150 बच्चों को परामर्श दिया गया। फिजिशियन डा. वैभव शुक्ला ने बताया कि ओपीडी में 115 बच्चे बुखार से पीड़ित थे। इनमें से संदिग्ध लक्षण वाले कुछ बच्चों को जांच के लिए पैथोलॉजी भेजा गया। गंभीर हालत वाले बच्चों को बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है। वर्तमान में बच्चा वार्ड में छह से अधिक बच्चों का उपचार चल रहा है।
इस बारे में एडीएसआईसी डॉ. सुबोध शर्मा का कहना है कि बच्चा वार्ड में सीवीयर बुखार से पीड़ित 9 वर्षीय बच्चे ने प्राथमिक उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बुखार को लेकर जिला अस्पताल में सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जा चुका है। सभी से अपील है कि संदिग्ध लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले।
