बरेली: दूध और मिठाई के नमूने खाने योग्य नहीं
बरेली, अमृत विचार। हाल ही में 35 व्यापारियों पर करीब 10 लाख से अधिक का जुर्माना इसलिए डाला गया, क्योंकि वे लंबे समय से मिलावटी खाद्य पदार्थ बेच रहे थे। अब खाद्य पदार्थ विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने और भी सेहत को खराब करने वाले निकले हैं। इन्हें खाने योग्य …
बरेली, अमृत विचार। हाल ही में 35 व्यापारियों पर करीब 10 लाख से अधिक का जुर्माना इसलिए डाला गया, क्योंकि वे लंबे समय से मिलावटी खाद्य पदार्थ बेच रहे थे। अब खाद्य पदार्थ विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने और भी सेहत को खराब करने वाले निकले हैं। इन्हें खाने योग्य नहीं माना गया है।
प्रयोगशाला की जांच में खाद्य नमूने असुरक्षित घोषित कर दिए गए। प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद एफएसडीए द्वारा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दायर किया है। इनमें कई जगह दूध, पिसी मिर्च, मिठाई जैसी खाद्य वस्तुएं अधोमानक और असुरक्षित पाए गए। इसके अलावा दो जगह बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार करने पर कार्रवाई की गई है।
परसाखेड़ा के मॉडर्न इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड से लिए गए चना फिल्टर बोल्ड के नमूने, बाबूराम निवासी बड़ी बिहार इज्जतनगर की दुकान से पिसी मिर्च के नमूने, जितेंद्र सिंह भगवानपुर धिमरी की दुकान से दूध, तेजपाल निवासी बिराहीमपुर, भमोरा के यहां मिश्रित दूध, छोटे लाल निवासी सन्तार नगर, अलीगंज के यहां मिश्रित दूध, प्रेम सिंह यादव ग्राम गुल्लापुर, दातागंज,बदायूं के यहां मिश्रित दूध के नमूने अधोमानक और असुरक्षित मिलें।
सुबोध कुमार अग्रवाल महानगर कालोनी के यहां मोतीचूर के लड्डू, भारत सिंह ग्राम डांडिया, क्योलड़िया के यहां भैंस का दूध के नमूने असुरक्षित मिले। जबकि परवेज़ निवासी मोहल्ला मरतान,रीछा देवरनिया,निशा इंडस्ट्री के यहां बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार करने पर कार्रवाई की गई है। सभी नमूने बीते साल 2020 में लिए गए थे। लखनऊ की लैब में सैम्पल फेल होने के बाद प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ वाद दायर किया गया है।
