पैसों की कमी से जूझ रहा बीएचयू, जानें क्यों बंद करने पड़े RT-PCR टेस्ट
वाराणसी। टीकाकरण का काम काफी तेजी से चल रहा है। कई लोगों को टीका लग भी चुका है। लेकिन फिर भी वाराणसी में स्थिति ठीक नहीं है। IMS-BHU में लगे कोरोना जांच की दो RT-PCR मशीनें सिर्फ BHU अस्पताल में ही भर्ती मरीजों की जांच कर रही है और वाराणसी सहित बाकी के 8 जनपदों …
वाराणसी। टीकाकरण का काम काफी तेजी से चल रहा है। कई लोगों को टीका लग भी चुका है। लेकिन फिर भी वाराणसी में स्थिति ठीक नहीं है। IMS-BHU में लगे कोरोना जांच की दो RT-PCR मशीनें सिर्फ BHU अस्पताल में ही भर्ती मरीजों की जांच कर रही है और वाराणसी सहित बाकी के 8 जनपदों के मरीजों की जांच को बंद कर दिया गया है। इसके पीछे वजह पिछले दो वित्तीय वर्ष के बकाया राशि 55 करोड़ के भुगतान का न होना बताया गया है।
BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. के के गुप्ता ने बताया कि पिछले डेढ़ सालों से जब से कोविड शुरू हुआ, तभी से उनके IMS बीएचयू में माइक्रोबायोलॉजी विभाग और वीआरडीएल लैब में RT-PCR मशीनें लग गईं और करीबन 10 हजार से ज्यादा टेस्ट किए जाने लगे।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग काफी कम मिल रहा था। पिछले वित्तीय वर्ष 45 करोड़ खर्च हुए जिसमें से सिर्फ 5 करोड़ रुपए आए। अब इस वित्तीय वर्ष 15 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं और पूरा बकाया पेंडिंग पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि रॉमटेरियल सप्लाई करने वाले वेंडर्स का भी भुगतान वो नहीं कर पा रहें हैं। आपको बता दें जैसे ही उनके पास फंड आएंगे वो अपनी प्रक्रिया दोबारा चालू कर देंगे।
