बरेली: विकास कार्यों के हिसाब में अफसर फेल, प्रभारी मंत्री ने लगायी फटकार
बरेली, अमृत विचार। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विकास भवन में विकास कार्यों का हिसाब मांगा तो अधिकारी एक दूसरे का मुंह देखकर नजरें चुराने लगे। आंकड़ें न बताने और पिछले कार्यों का हिसाब न देने पर प्रभारी मंत्री भड़क गए और बोले-आप लोग मुख्यालय छोड़ने को तैयार नहीं। बैठक में आए जरूर हैं पर …
बरेली, अमृत विचार। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विकास भवन में विकास कार्यों का हिसाब मांगा तो अधिकारी एक दूसरे का मुंह देखकर नजरें चुराने लगे। आंकड़ें न बताने और पिछले कार्यों का हिसाब न देने पर प्रभारी मंत्री भड़क गए और बोले-आप लोग मुख्यालय छोड़ने को तैयार नहीं। बैठक में आए जरूर हैं पर आपके पास आंकड़ें नहीं। जिस तरह सरकार ईमानदारी से कार्य कर रही है, उस तरह आप कोई नहीं कर रहे हैं। गर्मी में जनता त्राहि त्राहि कर रही है।
विद्युत अधिकारी व कर्मचारी जनता न ही जनप्रतनिधियों के फोन उठाते हैं। शहर में सड़कों की हालत खराब है। जहां देखो वहां अधिकारियों की लापरवाही दिख रही है। दो टूक शब्दो में चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों को आमजन के बीच जाना पड़ेगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एसी कमरों को छोड़ गली-मोहल्ले और गांवों में जाएं। पीओ नेडा के आंकड़े नहीं बताने पर कड़ी फटकार लगाते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। पीएमजीएसवाई समेत कई अधिकारी सवालों के जबाव नहीं दे सके तो सख्त हिदायत देते हुए अगली कार्रवाई करने की बात कही। सीएमओ से खपा दिखे श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सुबह 8 बजे स्वास्थ्य केंद्रों की आनलाइन निगरानी करें। जिलाधिकारी नितीश कुमार से कहा कि कार्यों की क्रास चेकिंग कराएं और योजनाओं का भौतिक सत्यापन के लिए लाभार्थी के पास अधिकारी जाएं।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सभी विभागों का लेखा-जोखा जाना। सिंचाई विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि जनपद में जितने राजकीय नलकूप संचालित हैं, उनकी विधान सभावार सूची बनाकर संबंधित विधायकों को दें। पीएमजीएसवाई के अफसरों से कहा जिले की सड़कों का हाल क्या हैं सब जानकारी है। छह महीने में सड़क उधड़ जाती है। डीएफओ से कहा कि हर साल लाखों पौधे लगते हैं, कुछ समय बाद यह कहां जाते कौन खा जाता है पता नहीं चलता।
सीएचसी और पीएचसी पर डाक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई और सीएमओ से सुबह आठ बजे चिकित्सकों की ऑनलाइन मानीटरिंग करने के निर्देश दिए। उप निदेशक कृषि धीरेंद्र चौधरी से किसान मेले व गोष्ठियों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को कहा। बैठक में कई अधिकारी अपनी योजनाओं के बारे में सटीक जानकारी प्रभारी मंत्री के सामने नहीं रख पाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है, भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी रिटायर्ड होने के बाद घर नहीं जाएगा, उसकी जगह जेल में होगी।
इधर, बैठक में कुछ जनप्रतिनिधियों का भी दर्द छलका। जिला पंचायत सदस्य तेजेश्वरी सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत अग्रास में लंबे समय बाद भी पंचायत भवन समेत कई कार्य अधूरे हैं। इसका क्षेत्रीय जनता में सरकार के प्रति गलत फीडबैक जा रहा है। इस पर मंत्री का गुस्सा भड़क गया। तत्काल प्रकरण गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
पीओ नेडा सोलर लाइटों का नहीं दे सके हिसाब
प्रभारी मंत्री ने परियोजना अधिकारी नेडा से पूछा कि गांवों में सोलर लाइट की क्या व्यवस्था है। 2017 में सरकार बनने के बाद कितनी सोलर लाइटें अब तक गांव में लगाई गई। इस पर वह झूठे आंकड़े देते रहे। मंत्री ने कहा कि फाइल दिखाएं। लेकिन पीओ नेडा नहीं दिखा सके। मंत्री ने कहा कि अधूरी जानकारी के बाद भी बैठक में फाइल लेकर नहीं आए तो क्यों पहुंचे। गुस्साएं मंत्री ने जिलाधिकारी को पीओ नेडा का वेतन रोकने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में लगी सोलर लाइटों की हकीकत परखने को कहा।
जिपं अध्यक्ष ने सफाई कर्मियों के अटैचमेंट का मुद्दा उठाया
जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने 6 सितंबर को ‘अमृत विचार’ में प्रकाशित खबर ‘गांव छोड़ डीएम-कमिश्नर के बंगलों पर ड्यूटी’ खबर को प्रमुखता से उठाया। मंत्री को बताया कि बड़े पैमाने पर सफाई कर्मियों का अटैचमेंट चल रहा है। इस स्वच्छता अभियान की मुहिम को झटका लगा रहा है। गांव में गंदगी फैली है।
कई जिपं सदस्यों ने भी सफाई कर्मियों के अटैचमेंट का मुद्दा उठाया और कहा कागजों में तैनाती गांव में चल रही है, लेकिन काम अफसरों के दफ्तरों और बंगलों पर चल रहा है। कोई चालक तो कोई उनको यहां बाबूगिरी का काम कर रहा है। इस पर मंत्री ने दो टूक अफसरों को निर्देश दिए सफाई कर्मियों को उनकी तैनाती वाले मूल गांव भेजा जाए। जिपं अध्यक्ष ने प्रत्येक सदस्यों को पांच-पांच हैंडपंप रिबोर कराने का प्रस्ताव रखा। जिसे मान लिया गया।
बैठक में ये रहे मौजूद
जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद संतोष गंगवार, विधायक डा. अरूण कुमार, बहोरन लाल मौर्या, छत्रपाल गंगवार, डीसी वर्मा, मेयर उमेश गौतम, नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, पीडी तेजवंत सिंह, डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा, सीवीओ ललित कुमार वर्मा जिला पंचायत सदस्य सत्यपाल शर्मा, अभिलाषा, गीता देवी, संतोष भारती आदि मौजूद रहे।
इन योजनाओं पर हो काम
- हर विद्यालय में आयोजित हों खेलकूद की गतिविधियां।
- टूर्नामेंट का हो आयोजन, खेल प्रतिभाओं को मिले मौका।
- हर ब्लाक में हो औषधि वाटिका का निर्माण।
- स्वच्छ व शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध हो।
- सड़क पर किसी भी हाल में न हो जलभराव।
- पर्यटन को बढ़ावा देने को बनाएं कार्ययोजना।
- प्राथमिक स्कूलों में विद्युत कनेक्शन व मूलभूत सुविधाएं हों।
नाराज होकर अधिकारियों से यह बोले प्रभारी मंत्री
- बैठक में क्यों आए हो, जब आपको जानकारी ही नहीं है।
- क्रिकेट को छोड़कर अन्य खेलों पर भी ध्यान दीजिए।
- बैठक कागजों में न हो, योजनाओं को आगे भी बढ़ाएं।
- मुझे सब पता है, कौन क्या कर रहा है।
- आपकी लापरवाही से गरीब के घर के लिए आए पैसे को दबंग हड़प ले रहा है।
