राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण: जिला जज अब्दुल शाहिद

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रायबरेली। आजादी का अमृत महोत्सव राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यहां दीवानी न्यायालय के सभागार में जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अब्दुल शाहिन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन …

रायबरेली। आजादी का अमृत महोत्सव राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यहां दीवानी न्यायालय के सभागार में जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अब्दुल शाहिन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर जिला न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को आयोजित किए जाने का उद्देश्य आमजन को शीघ्र, सुलभ व सक्षम न्याय दिलाने और न्याय शुल्क वापस प्राप्त कर आपसी भाई चारा बढ़ाना है। वहीं, लोक अदालत के माध्यम से जटिल कार्यवाहियों व अन्य परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। त्वरित, सस्ता व सुलभ न्याय प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है।

उन्होंने उपस्थित न्यायाधीशों अधिवक्ताओं से कहा कि कानून की किताबों के साथ ही अन्य समाज से जुड़ी अन्य पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। क्योंकि न्याय से जुड़ी समस्या/निस्तारण भी समाज से जुड़ी गतिविधियों से ही विषय आता है। वादी का न्याय शीघ्र से शीघ्र दिलानें में न्यायिक नियमों/धारों के अनुसार दिलाना चाहिए। उन्होंने पैन की ताकत पर बल देते हुए कहा कि कलम तलवार से ज्यादा ताकतवर होती है।

आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुमित कुमार की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यापक स्तर पर बैंक से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामले, ई-चालान, बीमा, राजस्व, विद्युत, जल, सर्विस में वेतन एवं भत्ते, श्रम, मोटर दुर्घटना, उपभोक्ता विवाद, स्थाई लोक अदालत, सर्विस मैटर,वन अधिनियम, रेलवे क्लेम, आपदा क्षतिपूर्ति, अपील दाण्डिक, सिविल, मूल वाद, पारिवारिक मामले आदि सहित अन्य छोटे मामले राष्ट्रीय लोक अदालत से सम्बन्धित हैं।

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