पीलीभीत: पति की प्रताड़ना से परेशान हो प्रिया ने बच्चों के साथ छोड़ा था घर
बिलसंडा, अमृत विचार। बरेली के थाना मीरगंज के गांव मोहम्मदगंज से ढाई माह पूर्व लापता गर्भवती महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ कस्बा बमरौली में पन्नी तानकर गुजारा करती हुई मिली है। दो दिन पहले ही उसने एक पुत्र को जन्म दिया। महिला के पति द्वारा बच्चों के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने …
बिलसंडा, अमृत विचार। बरेली के थाना मीरगंज के गांव मोहम्मदगंज से ढाई माह पूर्व लापता गर्भवती महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ कस्बा बमरौली में पन्नी तानकर गुजारा करती हुई मिली है। दो दिन पहले ही उसने एक पुत्र को जन्म दिया। महिला के पति द्वारा बच्चों के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की वजह से पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। महिला ने बताया कि पति की प्रताड़ना से परेशान होकर उसने बच्चों के साथ घर छोड़ दिया था।
बरेली जनपद के थाना मीरगंज के गांव मोहम्मदगंज निवासी हरिओम सिंह की पत्नी प्रिया सिंह 25 जून से 6 वर्षीय बेटी मधु एवं दो वर्ष के जुड़वा बेटे राघव और देव के साथ लापता हो गई थी। पति ने उसे तलाश किया लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली तो उसने थाना मीरगंज में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
अमृत विचार अखबार में दिए गए इश्तहार के बाद कस्बा बमरौली निवासी समाजसेवी मीना सिंह भदौरिया ने सीओ मीरगंज को उसके गांव में होने की सूचना दी। मीरगंज की पुलिस को प्रिया सिंह नल पर बर्तन मांजते मिली। उसने पुलिस को बताया कि घर से जिस वक्त निकली थी। उस समय वह 7 माह के गर्भ से थी। दो दिन पहले ही उसने पुत्र को जन्म दिया। पुत्र को जन्म देने के बाद भी वह बच्चों का भरण-पोषण खुद ही कर रही थी । हालांकि गांव के लोग उसका भरपूर सहयोग कर रहे थे।
पति की प्रताड़ना से परेशान हो छोड़ा घर
प्रिया सिंह ने बताया कि उसका पति हरिओम सिंह रोज शराब पीकर मारता-पीटता था। उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर ही उसने घर छोड़ा था। महिला ने बताया कि उसके जुड़वा बेटों में से एक की मौत हो गई। दूसरा बेटा एवं बेटी उसके साथ है। विवेचक राघवेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ रविवार की शाम को महिला को लेने के लिए गांव पहुंचे। वह अपने पति को देखते ही भड़क उठी और जाने से मना करने लगी। हालांकि पुलिस ने उसे बहुत समझाया और पति पर कार्रवाई की बात कही।
जाको राखे साइयां मार सके न कोय
जाको राखे साइयां मार सके ना कोय । कहावत उस वक्त चरितार्थ हुई जब बगैर किसी सहयोग के महिला ने दो दिन पूर्व बच्चे को जन्म दिया और एक घंटे भी आराम किए बगैर बच्चों के लिए काम करने लगी। कस्बा बमरौली की समाजसेवी मीना सिंह भदौरिया ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद से वह महिला की देखरेख कर रही थीं और वास्तविकता पता चलने के बाद सीओ मीरगंज को सूचना दी। पुलिस गांव आई और महिला को साथ ले जाने के लिए उसे घंटों राजी करती रही।
महिला जब घर से निकली थी तो उसके पास सिर्फ 470 रुपए ही थे । ढाई महीने से वह अभाव में रहकर मासूमों को किस तरह पाल रही थी। इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। महिला गायब होने के बाद उसके पति ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला को बच्चे के साथ पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। उसके बाद कोर्ट में ब्यान कराए जाएंगे। -सुनील कुमार राय पुलिस क्षेत्राधिकारी मीरगंज बरेली
