बाराबंकी: मनरेगा मजदूरी के नाम पर हो रहा घोटाला, अधिकारी खामोश!

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बाराबंकी। विकास खंड रामनगर की अमलोरा पंचायत में मनरेगा मजदूरी के नाम पर घोटाला किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। बीडीसी पंचायत सदस्यों के अलावा ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर बनाकर जिलाधिकारी से भ्रष्टाचार पर कार्यवाही किये जाने की मांग की है। ग्राम पंचायत की बीडीसी बिलकीश बानो पंचायत सदस्य बीटा तिवारी, चंद्र प्रकाश, …

बाराबंकी। विकास खंड रामनगर की अमलोरा पंचायत में मनरेगा मजदूरी के नाम पर घोटाला किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। बीडीसी पंचायत सदस्यों के अलावा ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर बनाकर जिलाधिकारी से भ्रष्टाचार पर कार्यवाही किये जाने की मांग की है। ग्राम पंचायत की बीडीसी बिलकीश बानो पंचायत सदस्य बीटा तिवारी, चंद्र प्रकाश, रामचंदर गौतम, फूलमती, मम्मता पाल व हंसहराज पाल ने बताया कि ग्राम प्रधान सुभाष रावत पंचायत सचिव के साथ मिल कर सरकारी पैसा को बड़ी चतुराई से हजम कर रहे हैं।

यही नहीं जब अपना पैसा गरीब मजदूर मांगने जाता है तो उसे कुछ दबंग साथियों की मदद से बेइज्जत करके भगा दिया जाता है। ग्राम पंचायत में इस बात को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों राकेश कुमार, श्रवण कुमार, सलमान, राकेश, जाबिर, विक्रम, राजन, राजेन्द्र, विजय मिश्रा, रामकैलाश यादव, राम स्वरूप पाल, व मो. हफीज ने बताया कि गांव के मजदूर सनूप मिश्रा आदि जो श्रम विभाग में बाकायदा पंजीकृत है ने काजीपुर सम्पर्क मार्ग से धनीराम के खेत तक चकबांध कार्य में 12 दिन कार्य किया इन्हें सिर्फ 4 दिन का पैसा मिला। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि दर्जनों फर्जी मजदूर कागजों पर काम कर रहे हैं जो फावड़ा चलाना तक नहीं जानते है। उनके नाम से 12 दिन की मजदूरी निकाली जा रही है।

फर्जी मास्टर रोल से हो रहा विकास

लाखो रुपयों को खर्च करके प्रधान का पद हासिल करने वाले लोग फटाफट अपना पैसा वसूल लेने पर उतारू है। शराब सबाब जैसी सुविधाओं को देकर वोट लेने वाले जनप्रतिनिधि अब सारा हिसाब गरीबों के सीने पर चढ़ कर वसूलना शुरू कर दिया। मजदूरों की माने तो खुलेआम कहा जाता है कि जो करना है करो ब्लाक पर कमीशन लिया जाता कुछ नहीं कर पाओगे। इस बात में सच्चाई भी है गरीब मजदूर भ्रष्टाचारियों से आखिर कब तक लड़ेगा, एक दिन खामोश होकर सब्र कर लेगा। मजदूरों ने कई शिकायतें की है अभी तक मामले की जांच तक नही शुरू हुई है।

कोरोना से टूटे लोगों को नहीं मिलता काम

ग्रामीणों ने बताया कि इस वक्त कोरोना में बाहर जाकर काम करने वाले मजदूर बड़े पैमाने पर गांव में है। जिनको काम की बहुत जरूरत है। लेकिन पंचायत में चारो तरफ लूट का माहौल है। ग्राम प्रधान चंद मजदूरों को लगाकर बाकी फर्जी मजदूरों को कागज पर काम देकर घोटाला किया जा रहा है। ओरिजनल मजदूर काम के लिए भटक रहे है। जिलाधिकारी से लोगों ने मामले की जांच करा कर शख्त कार्यवाही की मांग की है।

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