लखनऊ: माफिया से सांठगांठ में बांदा के एसपी निलंबित

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। राजधानी में बुधवार को बांदा के एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान को शासन ने निलंबित कर दिया है। एएसपी पर मध्य प्रदेश से अवैध खनन होकर आई मौरंग को प्रदेश की सीमा में दाखिल कराने का आरोप लगाया गया था। बता दें कि 29 जून 2020 से तैनाती के बाद से ही उनके खिलाफ खनन …

लखनऊ। राजधानी में बुधवार को बांदा के एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान को शासन ने निलंबित कर दिया है। एएसपी पर मध्य प्रदेश से अवैध खनन होकर आई मौरंग को प्रदेश की सीमा में दाखिल कराने का आरोप लगाया गया था।

बता दें कि 29 जून 2020 से तैनाती के बाद से ही उनके खिलाफ खनन माफियाओं से साठगांठ के आरोप लग रहे थे। जिसके बाद शासन ने मामले की जांच एसएसपी, एसटीएफ से कराई थी। एसटीएफ की जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि मध्य प्रदेश के जरिए हो रहे अवैध खनन में माफियाओं के साथ उनकी सांठगाठ थी। जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

जांच में प्रदेश की सीमा में बांदा के थाना गिरवा व नरैनी में मध्य प्रदेश से खनन होकर वाली मीरंग की गाड़ियों को प्रदेश की सीमा में थाना क्षेत्र गिरवा, नरैनी में प्रवेश करवाने का भी आरोप सही पाया गया है। महेंद्र प्रताप चौहान के स्थान पर पीएसी सीतापुर में तैनात लक्ष्मी निवास मिश्रा को बांदा में एएसपी के पद पर तैनाती दी गई है। मुख्यालय स्तर से जांच में मोबाइल नम्बर एसपी सिंह नाम के व्यक्ति बताया गया है। जबकि इनका प्रयोग खनन माफियाओं की ओर से अवैध वसूली के लिए किया जाता था।

पहले भी महेन्द्र प्रताप चौहान को पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के निर्वहन में बरती गई घोर लापरवाही के लिए एडीजी प्रयागराज की ओर से व्यक्तिगत पत्रावली पर दो और आईजी चित्रकूट धाम परिक्षेत्र बांदा की ओर से एक कठोर चेतावनी दी गई थी।
इसके बावजूद एएसपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और खनन माफियाओं को संरक्षण देते रहे। निलंबन की अवधि में महेन्द्र प्रताप चौहान डीजीपी कार्यालय से संबंध रहेंगे। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस बावत मंगलवार देर रात आदेश जारी कर दिए हैं।

संबंधित समाचार