बरेली कॉलेज में छात्रों की लगी मूट कोर्ट

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बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज के विधि विभाग में बुधवार को एलएलबी षष्टम सेमेस्टर के छात्रों की मूक कोर्ट लगी। इसमें एक काल्पनिक क्रिमिनल का ट्रायल किया गया। इसमें अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष और जज की भूमिका में छात्रों ने हिस्सा लिया। विधि विभागाध्यक्ष डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि छठे सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में …

बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज के विधि विभाग में बुधवार को एलएलबी षष्टम सेमेस्टर के छात्रों की मूक कोर्ट लगी। इसमें एक काल्पनिक क्रिमिनल का ट्रायल किया गया। इसमें अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष और जज की भूमिका में छात्रों ने हिस्सा लिया। विधि विभागाध्यक्ष डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि छठे सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में शामिल इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को न्यायालय की वास्तविक कार्यप्रणाली की जानकारी देना होता है।

विधि विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर एचएस पाण्डे ने छात्रों को बेहतर मूट कोर्ट के टिप्स देते हुए कहा कि सेलेक्टेड पढ़ने की आदत को छोड़ना होगा क्योंकि कोई जज या वकील किसी केस से ये कहकर मुंह नहीं मोड़ सकता कि अमुक विषय उसके पाठ्यक्रम में नहीं था। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने कहा कि ऐसे अभ्यास करते रहने से हमारे छात्र देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों के छात्रों की बराबरी करने की क्षमता हासिल कर सकते हैं। चीफ प्रॉक्टर डा. वंदना शर्मा ने भी छात्रों को सम्बोधित किया।

मूट कोर्ट का निर्देशन विभागाध्यक्ष डा. प्रदीप कुमार और पर्यवेक्षण विषय अध्यापक एडवोकेट टीडी भास्कर ने किया। टीडी भास्कर ने बताया कि दहेज हत्या के केस का तीन फेज में ट्रायल किया गया। पहले फेज में बेल अप्लीकेशन पर सुनवाई हुई, जिसमें बेल स्वीकार नहीं की गई। दूसरे फेज में सफाई-साक्ष्य और तीसरे फेज में अभियोजन और बचाव पक्ष में बहस हुई।

उसके बाद फैसला सुरक्षित रखकर अगली तारीख निर्धारित कर दी गई। मूट कोर्ट में पीठासीन अधिकारी आशीष कुमार अग्रवाल, मूटकोर्ट लिपिक आशी जमाल, अभियोजन पक्ष की ओर से मूटर्स सत्यम सिंह, रेशमा खान, निक्की सक्सेना, चमन आरा और बचाव पक्ष की ओर से मूटर्स पवन कुमार, प्रीति शर्मा, पंकज सिंह व नैंसी शर्मा और मूटर्स प्रशांत यादव आरोपी डा. रमेश की भूमिका में रहे।

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