सीतापुर: घाघरा और शारदा नदियों ने फिर शुरू किया कटान, कई घर नदी में समाए
सीतापुर। क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियों की कटान में तीन घर सहित आठ बीघा भूमि कट कर समाहित हो गई। नदियों द्वारा तटवर्ती क्षेत्रों में कटान करने का सिलसिला जारी है।श्रीराम पुरवा गांव को कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बनवाया गया स्टड निर्माण कार्य का एक तिहाई हिस्सा शारदा नदी ने …
सीतापुर। क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियों की कटान में तीन घर सहित आठ बीघा भूमि कट कर समाहित हो गई। नदियों द्वारा तटवर्ती क्षेत्रों में कटान करने का सिलसिला जारी है।श्रीराम पुरवा गांव को कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बनवाया गया स्टड निर्माण कार्य का एक तिहाई हिस्सा शारदा नदी ने काटकर समाप्त कर दिया है। जिसके चलते गांव पर संकट के बादल छाए हुए हैं।
कटान की आशंका को देखकर ग्रामीण भयभीत हो रहे हैं। नदियों की धारा को मोड़ने के लिए बंबू कैरेट लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह भी कार्य असफल साबित हो रहा है। शारदा नदी की धाराएं ग्रामीणों के घरों की तरफ बढ़ती जा रही हैं।म्योड़ी छोलहा के ईसा व सलीम के घर शारदा नदी की भेंट चढ़ गए। वहीं सफिउद्दीन, नफीस, रियाजउद्दीन, सद्दाम हुसैन, हामिद अली, अली शेर, मोहम्मद हुसैन, आवेश, असलम, लालू, रामू, विनोद, राजकुमार, कंधई, रमेश, केशव राम, आशाराम, बृजलाल, वीरेंद्र, शरीफ, मुख्तार, रामविजय, लालजी, अनवर आदि करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों के घर कटान की कगार पर हैं।
दुर्गा पुरवा गांव के सोबरन का पक्का घर कटकर घाघरा नदी में समाहित हो गया। वहीं गांव के ही सत्रोहन, कोनउ, श्रीपाल, मौजी लाल आदि सम्भावित कटान से भयभीत अपने घरों को उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की तरह हो पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
