लखनऊ: सीज हुआ ओपी चौधरी अस्पताल का ब्लड बैंक, कई अन्य अस्पतालों पर लटकी तलवार
लखनऊ। राजधानी के कई अस्पतालों व ब्लड बैंकों में मिलावटी रक्त की सप्लाई होने के खुलासे के बाद जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। रायबरेली रोड स्थित ओपी चौधरी अस्पताल के ब्लड बैंक को सील कर दिया गया है। जल्दी ही कई अन्य अस्पतालों व ब्लड बैंकों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की …
लखनऊ। राजधानी के कई अस्पतालों व ब्लड बैंकों में मिलावटी रक्त की सप्लाई होने के खुलासे के बाद जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। रायबरेली रोड स्थित ओपी चौधरी अस्पताल के ब्लड बैंक को सील कर दिया गया है। जल्दी ही कई अन्य अस्पतालों व ब्लड बैंकों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बीते दो दिनों में कई अस्पतालों का निरीक्षण किया है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि मानव रक्त के तस्करों को पकड़ने में एफएसडीए अधिकारियों का भी सहयोग लिया गया था। उन्हें पूरे मामले की जानकारी है। लिहाजा ब्लड बैंकों व अस्पतालों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। इसका निर्णय यही विभाग लेगा। नाम न छापने की शर्त पर औषधि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी के एक ब्लड बैंक को सीज किया जा चुका है। वहीं, दो दिनों में करीब तीन अन्य ब्लड बैंकों का निरीक्षण कर दस्तावेज तलब किए हैं, अभी जांच चल रही है।
इसके अलावा जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इनके लाइसेंस निरस्त या फिर रद्द किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अस्पतालों के ब्लड बैंकों पर कार्रवाई करने का अधिकार जिले के सीएमओ को ही है। लिहाजा एसटीएफ और एफएसडीए की ओर से उनको भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। उम्मीद है कि जल्दी ही स्वास्थ्य विभाग भी मिलावटी खून खरीदने और मरीजों को चढ़ाने वाले अस्पतालों के खिलाफ शिकंजा कसेगा।
इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से मिलावटी रक्त लाकर लखनऊ व आसपास के इलाकों में सप्लाई करने वाले गिरोह का गुरुवार को एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया था। इस मामले में एसटीएफ ने सैफई मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अभय सिंह एवं उसके सहयोगी अभिषेक पाठक को गिरफ्तार किया था।
इन अस्पतालों के नाम आए थे सामने
अवध हास्पिटल आलमबाग, वर्मा हास्पिटल काकोरी, काकोरी हास्पिटल, निदान ब्लड बैंक, बंथरा व मोहनलालगंज स्थित कई हास्पिटल, सुषमा हास्पिटल के साथ ही कई अन्य अस्पताल व ब्लड बैंक शामिल थे।
