बरेली: ऑपरेशन अतीत बताएगा ट्रेनों में अपराध करने वाले कितना सुधरे

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मोनिस खान, बरेली। जीआरपी ऑपरेशन अतीत के तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर क्राइम करने वाले अपराधियों का रिकार्ड खंगाल रही है। ऐसे अपराधी जो पूर्व में ट्रेनों के अंदर लूट, चोरी, छिनैती और जहर खुरानी जैसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। थाने में दर्ज इनके नाम पते और किस अपराध को अंजाम दिया …

मोनिस खान, बरेली। जीआरपी ऑपरेशन अतीत के तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर क्राइम करने वाले अपराधियों का रिकार्ड खंगाल रही है। ऐसे अपराधी जो पूर्व में ट्रेनों के अंदर लूट, चोरी, छिनैती और जहर खुरानी जैसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। थाने में दर्ज इनके नाम पते और किस अपराध को अंजाम दिया इसकी जानकारी लेकर जीआरपी की टीम सत्यापन कर रही है। बरेली समेत आसपास और गैर प्रांतीय जिलों में जाकर न सिर्फ इन अपराधियों का सत्यापन किया जा रहा है बल्कि टीमों द्वारा काउसिलिंग कर उन्हे सही रास्ते पर चलने की सलाह दी जा रही है।

बरेली जंक्शन जीआरपी थाने में पांच साल तक दर्ज पुराने मामलों में 270 अपराधियों को चिन्हित किया गया है। यह सभी बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, लखनऊ, शाहजहांपुर, हरदोई समेत अन्य गैरप्रांतीय जिलों के अपराधी हैं। 15 सितंबर से चलाए जा रहे अभियान के में अब तक जंक्शन जीआरपी ले छह का सत्यापन भी कर लिया है। अधिकतर मामले ट्रेनों में लूट और चोरी के हैं। जंक्शन जीआरपी की पांच सदस्यीय टीम इन अपराधियों के दर्ज पतों पर जाकर यह सत्यापन कर रही है कि मौजूदा वक्त में यह लोग क्या कर रहे हैं। कहीं दोबारा किसी अपराध में लिप्त तो नहीं। वहीं अधिकतर मामलों में यह अपराधी मेहनत मजदूरी करते हुए ही पाए गए।

दूसरी तरफ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर पुराने अपराधियों के सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। कई बार थानों में रिकार्ड व्यवस्थित या फिर अपडेट नहीं हो पाते जिसके चलते परंपरागत सिस्टम को पुनर्जाग्रत किया जा रहा है। दरअसल जीआरपी थानों में पुलिस के कई तरह के रजिस्टर होते हैं जिन्हे भुलाया जा चुका है। इनमें पूछताछ, हिस्ट्रीशीट जैसे रजिस्टर शामिल हैं। अभियान का मकसद इनपर ध्यान देना और इनको अपडेट करके रखना है।

कई बार आपराधिक इतिहास रजिस्टर अपडेट नहीं हो पाता। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के दौर में इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा था। लिहाजा मुख्यालय स्तर से अतीत अवलोकन की योजना बनाई गई। ताकि पारंपरिक रजिस्टरों को अपडेट किया सके। आपरेशन अतीत में अपराधियों को देखा जा रहा है कि वह मौजूदा वक्त में क्या कर रहे हैं। किसी प्रकार के अपराध में लिप्त तो नहीं। -अपर्णा गुप्ता, एसपी रेलवे, मुरादाबाद

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