रामपुर: गहने गिरवीं रखकर कराई पत्नी की डिलीवरी

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मिलक (रामपुर), अमृत विचार। नगर के सरकारी अस्पताल में घूसखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्टाफ नर्स डिलीवरी के नाम पर गरीब प्रसुताओं से सुविधा शुल्क लेकर डिलीवरी कर रही हैं। सुविधा शुल्क नहीं देने पर तरह तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें युवक …

मिलक (रामपुर), अमृत विचार। नगर के सरकारी अस्पताल में घूसखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्टाफ नर्स डिलीवरी के नाम पर गरीब प्रसुताओं से सुविधा शुल्क लेकर डिलीवरी कर रही हैं। सुविधा शुल्क नहीं देने पर तरह तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें युवक को पत्नी की डिलीवरी उसके गहने गिरवीं रखकर करानी पड़ी।

शुक्रवार की रात करीब 12 बजे क्षेत्र के भोजीपुरा गांव निवासी नीरज को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा की जानकारी गांव की आशा को दी। नीरज अपने पति और आशा के साथ रात करीब ढाई बजे मिलक के सरकारी अस्पताल पहुंची। शनिवार की सुबह जब नीरज की नार्मल डिलीवरी होने में दिक्कत हुई तो स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन की सलाह दी। सलाह के दौरान स्टाफ नर्स ने गांव की आशा को परिजनों के पास भेजा ।सात हजार रुपये की डिमांड की।

आशा ने कहा कि डिलीवरी ऑपरेशन में सात हजार रुपये खर्च होंगे। मजबूर नीरज का पति सत्यवीर बहुत परेशान होने लगा। मजबूर सत्यवीर ने सात हजार रुपये देने की हामी भर ली। तत्काल स्टाफ द्वारा डिलीवरी की सूचना ड़ॉ निहाल और डॉ राजेश यादव को दी गयी। डिलीवरी ऑपरेशन की सभी तैयारियां पूरी हो गईं। स्टाफ नर्स द्वारा रुपये देने को कहा गया। सत्यवीर ने अपनी बीबी के कुछ गहने गिरवीं रखे तथा कुछ रुपये उधार लिए। इस प्रकार उसके पास कुल 6 हज़ार रुपये का इंतजाम हो पाया।

डिलीवरी ऑपरेशन के बाद स्टाफ ने कहा कि पहले सात हजार रुपये दीजिये तभी आपको नवजात देखने को मिलेगा। गिड़गड़ाते हुए सत्यवीर ने कहा कि उसके पास सिर्फ 6 हज़ार रुपये हैं। जिन्हें वह जेवरात गिरवीं व कुछ रुपये उधार लेकर आया है। इस पर स्टाफ नर्स भड़क गई। कहा कि आपके बेटे और बीबी को कुछ हो गया तो अस्पताल के कर्मचारी इसके जिम्मेदार नहीं होंगे। सभी के गिड़गिड़ाने के बाद बड़ी मुश्किल से स्टाफ नर्स मानी और बच्चे को सत्यवीर के हवाले किया। इस मामले की जानकारी परिजनों से ली।

शनिवार को नीरज नाम की गर्भवती महिला का डिलीवरी ऑपरेशन किया था। यदि स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी ऑपरेशन के नाम पर प्रसूता के परिजनों से 6 हज़ार रुपये लिए हैं तो यह गलत है। सुविधा शुल्क लेने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी। -ड़ॉ निहाल, चिकित्सा अधीक्षक मिलक सीएचसी

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