लखनऊ: फर्जी शिक्षकों भर्ती की जांच लखनऊ पुलिस के हवाले

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लखनऊ। प्रदेश में तैनात 144 फर्जी सहायक अध्यापक की जांच एसटीएफ ने लखनऊ पुलिस के हवाले कर दी है। अब विभूतिखंड पुलिस मामले की जांच कर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजेगी। जिसके बाद फर्जी तौर पर तैनात शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। एसीपी विभूतिखंड ने बताया कि एसटीएफ द्वारा गिरोह …

लखनऊ। प्रदेश में तैनात 144 फर्जी सहायक अध्यापक की जांच एसटीएफ ने लखनऊ पुलिस के हवाले कर दी है। अब विभूतिखंड पुलिस मामले की जांच कर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजेगी। जिसके बाद फर्जी तौर पर तैनात शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। एसीपी विभूतिखंड ने बताया कि एसटीएफ द्वारा गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जल्दी ही जांच पूरी कर मामले की रिपोर्ट जिम्मेदारों को भेजी जाएगी।

बताते चलें कि एसटीएफ ने शुक्रवार को गिरोह के मास्टमाइंड समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर इस गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह द्वारा 2017 में 68500 और 2018 में 69000 शिक्षक भर्ती में में 144 लोगों को इनके द्वारा भर्ती कराया गया था। गिरोह ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की मिलीभगत से भर्ती कराए गए अभ्यर्थियों का सत्यापन भी करवा लिया था। जिसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

इस गिरोह का मुखिया शिकोहाबाद निवासी रामनिवास उर्फ राम भइया पुत्र ताले सिंह था। जो फिरोजबाद में ही जूनियर हाईस्कूल का फर्जी शिक्षक है। उसके साथ बिहार के गया जिला निवासी संजय सिंह पुत्र शिवनरायन सिंह और आगरा निवासी रविंद्र कुमार उर्फ रवि को भी गिरफ्तार किया गया था।

जो कि आगरा में ही फर्जी प्राथमिक शिक्षक के पद पर तैनात है। इस गिरोह द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में अभी तक हरदोई में नौ इटावा मे 10, अमेठी मे पांच, गोण्डा में एक, बलरामपुर में एक औरैया मे एक जालौन मे 09, श्रावस्ती में 08 तथा सीतापुर, हाथरस व प्रयागराज जनपदों में लगभग सौ से अधिक शिक्षकों की भर्ती फर्जी तरीके से करा दी।

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