मुरादाबाद : दो बहनों को जिंदा जलाकर मारने में सात को आजीवन कारावास, 11 साल बाद आया फैसला

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मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के चर्चित कोठीवाल नगर हत्याकांड में करीब 11 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। इस हत्याकांड में दो दलित बहनों को जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया था। करीब 19 गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सात कारोबारियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास …

मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के चर्चित कोठीवाल नगर हत्याकांड में करीब 11 साल बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। इस हत्याकांड में दो दलित बहनों को जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया था। करीब 19 गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सात कारोबारियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। साथ ही सभी पर करीब 4 लाख 34 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

महानगर का यह चर्चित हत्याकांड 18 दिसंबर 2010 को शहर कोतवाली क्षेत्र के कोठीवाल नगर में हुआ था। बताते हैं कि कालोनी निवासी पंकज गगनेजा के घर काम करने वाले सफाई कर्मचारी राजेश और राकेश ने लूट का प्रयास किया था। नाकाम होने पर उन्होंने कारोबारी पंकज की पत्नी पूजा और दो वर्षीय बेटी सानिया की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद सिख समाज में उबाल आ गया था। जगह-जगह विरोध के साथ ही धरना-प्रदर्शन करने शुरू कर दिए गए थे।

घटना के दिन सिख समाज के लोग जुलूस की शक्ल में आरोपियों के घर पहुंचे। इसके बाद वहां पर आगजनी की घटना हुई, जिसमें दलित बहने गीता और नीता की आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद बाल्मीकि समाज आक्रोशित हो गया था। अब बाल्मीकि समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। करीब दो माह तक महानगर की राजनीति काफी गर्म रही।

इस मामले में सतीश चंद्र मदान, सागर भंडूला, सोनिया कोहली, बंटी मलिक उर्फ वरुण मलिक, आशा सचदेवा, अमरजीत कौर और विनोद कक्कड़ के खिलाफ मृतक बहनों की मां राजो बाल्मीकि ने शहर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वाद-विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

19 गवाहों के बयान के बाद आया फैसला
इस मामले की सुनवाई मौजूदा समय में एससी-एसटी कोर्ट की विशेष न्यायाधीश संध्या चौधरी की कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन की ओर से इस मामले में पुलिस कर्मियों समेत करीब 19 गवाह पेश किए गए। सोमवार को इस चर्चित हत्याकांड पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर सतीश चंद्र मदान, सागर भंडूला, सोनिया कोहली, आशा सचदेवा, अमरजीत कौर, बंटी मलिक और विनोद कक्कड़ को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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