नाइजीरियन ठग: रार्बट गैंग का एक और युवक गिरफ्तार, उसके खाते में आए थे कुल 35 लाख, 85 हजार रुपये

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने मंगलवार को नाइजीरियन रॉबर्ट ओटेजेम की गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से करीब 27 लाख रुपये भी बरामद किए है। साथ ही उसके अन्य खातों में 30 लाख रुपए फ्रीज किए है। इससे पहले पुलिस इस मामले …

बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने मंगलवार को नाइजीरियन रॉबर्ट ओटेजेम की गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से करीब 27 लाख रुपये भी बरामद किए है। साथ ही उसके अन्य खातों में 30 लाख रुपए फ्रीज किए है। इससे पहले पुलिस इस मामले के राबर्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

मेंहदी हसन और अरबाज के साथ करता था काम
दरअसल, मंगलवार को एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि राबर्ट के पकड़े जाने के बाद पुलिस को पता चला कि फरीदपुर के भूरे खां की गौटिया के मोहल्ला ऊंचा नई बस्ती के रहने वाले हरपाल उर्फ मेंहदी हसन और उसका लड़का अरबाज भी इसमें शामिल है। राबर्ट साइबर ठगी करके रुपये मेंहदी के खाते में डालता था। मेंहदी को कुछ कमीशन काटकर यह रकम राबर्ट को देनी होती थी। पुलिस ने मंगलवार को मेंहदी के ही साथी ऊंचा मोहल्ला निवासी रुकसाद ऊर्फ रज्जन को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 27 लाख रुपये, एक कीपेड मोबाइल फोन बरामद किया। इसके अलावा इसका खाता फ्रीज कर दिया गया है। उसमें तीस लाख रुपये हैं।

कानपुर की कंपनी का ठगा हुआ था यह रुपये
पुलिस की पूछताछ में रुकसाद ने बताया कि नाइजीरियन गैंग ने बीते दिनों कानुपर की गणेश ईकोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मेल हैक करके उनके खातों से करीब ढाई करोड़ रुपए उड़ाए थे। ठगों ने उन रुपयों को अगल-अलग खातों में ट्रांसफर किए थे। उसी रकम में से करीब 35 लाख 85 हजार रुपये रुकसाद के भी खाते में भेजे गए। जिसमें से करीब 6 लाख रुपये उसने खर्च कर लिए बाकी के 27 लाख रुपये उसने छुपाकर रख दिए। इसके बाद वह फरार हो गया। जब लगा कि मामला शांत हो गया है तो वह वापस आया। मगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

टुकड़ों में आते थे रुपये
आरोपी रुकसाद ने बताया कि उसके खाते में एक साथ पूरी रकम नहीं भेजी गई। टुकड़ों में उसके पास पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। कभी 25 हजार, तो कभी 50 हजार कई बार एक लाख रुपये से भी ऊपर ट्रांसफर किए गए। पूछातछ में रुकसाद ने बताया कि उसके खाते में यह पैसा 23 अगस्त से आना शुरू हुआ था।

जरी कारोबार के नाम पर था बैंक अकाउंट
रुकसाद ने बताया कि वह मूल रूप से जरी का काम करता है। जरी के कारोबार के नाम से ही उसका आईसीआईसीआई बैंक में करंट अकाउंट है। इसलिए उसी खाते में ठग रकम भेजा करते थे। हालांकि रुकसाद ने अपने पर्सनल यूज के लिए उसी बैंक में अपना खाता खुलवाया है। जिसका इस पैसे से कोई लेना देना नहीं बताया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें…

बरेली श्रम विभाग में हंगामा: व्यापारियों का आरोप, योजनाएं बताने जाते हैं, वसूली करके लौटते हैं

संबंधित समाचार