‘किसान कानून रद्द होने तक हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से एक इंच भी नहीं हिलेंगे, सीमाएं खोलने का सपना देखना बंद कीजिए’
कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। हरियाणा भारतीय किसान यूनियन(चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को कहा कि जब तक केन्द्र तीन नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेता तब तक दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान वहां से नहीं हिलेंगे। चढूनी ने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव डाले लेकिन किसान कानून रद्द होने तक हरियाणा-दिल्ली …
कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। हरियाणा भारतीय किसान यूनियन(चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को कहा कि जब तक केन्द्र तीन नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेता तब तक दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान वहां से नहीं हिलेंगे। चढूनी ने कहा कि सरकार चाहे जितना दबाव डाले लेकिन किसान कानून रद्द होने तक हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से एक इंच भी नहीं हिलेंगे। पंजाब के कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद में ‘किसान महापंचायत’ को संबोधित करते हुए चढूनी ने सरकार से कहा, ”सीमाएं खोलने का सपना देखना बंद कीजिए।”
किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के रद्द हुए बिना दिल्ली के रास्ते नहीं खुलेंगे। हरियाणा सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कुंडली-सिंघू बॉर्डर पर राष्ट्रीय राजमार्ग -44 पर गतिरोध को समाप्त करने के लिए आंदोलनरत किसान यूनियन के नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था। लेकिन किसान यूनियन के नेता पिछले सप्ताह सोनीपत में जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
किसान नेताओं के बैठक में शामिल नहीं होने पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में कहा कि उच्चतम न्यायालय को इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। इस बीच महापंचायत में निर्णय लिया गया कि जबतक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तबतक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।पंजाब हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में किसान कम से कम दस माह से आंदोलन कर रहे हैं।
महापंचायत को संबोधित करते हुए चढूनी ने कहा कि प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में किसानों के खिलाफ हरियाणा में मामले दर्ज किए गए और पुलिस किसानों को तलब कर रही है। उन्होंने किसानों से समन को स्वीकार नहीं करने और पुलिस थानों में भी नहीं जाने की अपील की। इस ”महापंचायत” में 27 सितंबर को किसान यूनियनों के ”भारत बंद” को सफल बनाने की भी अपील की गई।
