अल्मोड़ा: बालिग किशोरियों के पुनर्वास की होगी व्यवस्था
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने कहा है कि बाल किशोरी में रह रही किशोरियों के बालिग होने पर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। यह भी जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शुमार है। जिलाधिकारी वंदना सिंह …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने कहा है कि बाल किशोरी में रह रही किशोरियों के बालिग होने पर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। यह भी जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शुमार है।
जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शुक्रवार को बख स्थित बाल किशोरी गृह, शिशु गृह और नारी निकेतन के निरीक्षण के दौरान यह बात कही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किशोरी गृह में रह रही बालिकाओं द्वारा बनाए गए ऐपण व अन्य उत्पादों का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि किशोरियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद काफी अच्छे हैं। इसलिए उनके विपणन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।
किशोरियों को रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए डीएम ने किशोरियों से संवाद किया ओर जिला प्रोबेशन अधिकारी को किशोरियों के लिए एनआईएफटी जैसे संस्थानों में ट्रेनिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आरसेटी व एनयूएलएम के जरिए भी किशोरियों को शार्ट टर्म कोर्स कराए जाएं। डीएम ने कहा कि किशोरियों को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण दिए जाएं।
इससे पूर्व डीएम ने शिशु बाल गृह का भ्रमण किया और वहां उनके भोजन और आवास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। नारी निकेतन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यहां रह रही महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ चाइल्ड लाइन संस्था के अध्यक्ष प्रशांत जोशी, सदस्य नीलिमा भट्ट, रेखा शाह, अर्चना कोठारी, प्रोबेशन अधिकारी राजीव नयन तिवारी आदि मौजूद रहे।
