लखीमपुर-खीरी: जिन पर है गन्ना किसानों के हितों की जिम्मेदारी, वह हैं चीनी मिल के आधीन

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गोलागोकर्णनाथ-खीरी, अमृत विचार। बजाज हिंदुस्थान शुगर लि पर गन्ना किसानों का अरबों रुपए का बकाया है। मिल मलिकों की हठधर्मिता के कारण गन्ना किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर किसान नेताओं ने कई बार धरना प्रदर्शन और अनशन किए, किंतु कोई हल नहीं निकल सका है, जिससे क्षेत्र का किसान …

गोलागोकर्णनाथ-खीरी, अमृत विचार। बजाज हिंदुस्थान शुगर लि पर गन्ना किसानों का अरबों रुपए का बकाया है। मिल मलिकों की हठधर्मिता के कारण गन्ना किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर किसान नेताओं ने कई बार धरना प्रदर्शन और अनशन किए, किंतु कोई हल नहीं निकल सका है, जिससे क्षेत्र का किसान आर्थिक रूप से परेशान है। बजाज ग्रुप की गोला चीनी मिल ने पांच नवम्बर 2020 को पेराई सत्र शुरू किया था।

पेराई सत्र का समापन 16-17 मार्च 2021 की रात को किया गया। मिल ने एक करोड़ 58 लाख 22 हजार कुन्तल गन्ने की की खरीद कर पेराई की। चीनी मिल ने 510 करोड 12 लाख 88 हजार रुपए का गन्ना खरीदा। मिल ने 125 दिन पेराई की, जिसमें से केवल 32 दिनों तक का 175 करोड़ 52 लाख छह हजार का ही किसानों को किया है। 93 दिनों का मिल पर अभी भी 334 करोड़, 60 लाख, 82 हजार रुपए किसानों का बकाया है।

बकाया भुगतान को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने कई बार धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल और अनशन आदि किए, किंतु मिल प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहा और झूठे वादे करते रहे और भुगतान नहीं किया। गन्ना किसानों का भुगतान न होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट मंड़रा रहा है। तमाम किसान समय से अपने ग्रीन कार्ड, समिति आदि का कर्ज भी नहीं जमा कर पा रहे हैं। जबकि सुप्रिम कोर्ट का आदेश है कि गन्ना खरीद के 14दिन में भुगतान हो जाना चाहिये।

अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे अधिकारी
गन्ना किसानों की पैरवी और उनके सट्टों का सही संचालन, गन्ना किसानों को आपूर्ति पर्चियां देकर चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करवाना और नियमानुसार गन्ना भुगतान करवाना। मिल प्रबंधन पर नियंत्रण के लिये सहकारिता विभाग ने गन्ना समितियों की स्थापना कर अधिकारियों की नियुक्ति की है।, किंतु अधिकारी अपने दायित्यों का सही निर्वहन नहीं कर रहे हैं।

चीनी मिल के आवासों में रहते हैं समिति के अधिकारी
गन्ना समिति के अधिकारियों के रहने के लिए समिति ने आवास बनवाए थे, जिनमें अधिकारी नहीं रहते है। सुविधा संपन्न चीनी मिल की कालोनी में सहकारी गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशुतोष मधुकर मिल गेस्ट हाउस से पहले गली के डी 4 आवास में रहते है। गन्ना समिति के सचिव नंदलाल माथुर यू 9 में रहते हैं। अधिकारी ही जब मिल से सुख सुविधाएं ले रहे हैं, तो किसानों के भुगतान का दवाब बनाना मुश्किल लग रहा है।

हो सकता है कि आवासों की कमी के चलते समिति के कुछ लोग चीनी मिल के बने आवासों में रह रहे हो। मुझे इस तरह की कोई जानकारी नही है। अगर रह रहे है तो गलत है। -बृजेश पटेल जिला गन्ना अधिकारी

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