बरेली: पहले खुदाई से, अब पेड़ों के ट्रांसलोकेशन से बिगड़ेगा एक्यूआई
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम सड़कों के चौड़ीकरण, सीवर निर्माण, नाला निर्माण का काम तेजी से कर रहा है। जिसके चलते शहर भर में धूल के गुबार से लोग पहले ही परेशान थे। एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से ऊपर चढ़ रहा था। खुदाई के साथ अब निर्माण कार्यों के आड़े आने …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम सड़कों के चौड़ीकरण, सीवर निर्माण, नाला निर्माण का काम तेजी से कर रहा है। जिसके चलते शहर भर में धूल के गुबार से लोग पहले ही परेशान थे। एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से ऊपर चढ़ रहा था। खुदाई के साथ अब निर्माण कार्यों के आड़े आने वाले पेड़ों को भी ट्रांसलोकेट किया जाना है। लिहाजा धूल से खराब हुई हवा में सांस ले रहे शहर वालों को अब ऑक्सीजन की कमी से भी जूझना पड़ेगा। हालांकि बीते दो दिन से हो रही बारिश के कारण एक्यूआई सुधरने की बात कही जा रही है।
जानकारों की माने तो पीएम-10 का लेवल जहां 80 होना चाहिए वह इस वक्त 170 के आसपास पहुंच चुका है। किसी-किसी इलाके में तो यह 200 तक पहुंच गया है। बता दें कि पिछले दो साल से शहरवासी सड़कों पर उड़ते धूल के गुबार से परेशान हैं। कई जगह भले ही सड़क बना दी गई हो लेकिन कई सड़कों पर सीवर लाइन बिछाने के बाद मिट्टी से पाटकर सड़क को ऐसे ही छोड़ दी गई है। दूसरी तरफ शहर की आधा दर्जन से अधिक सड़कों पर चौड़ीकरण और नाला निर्माण का काम होना है।
बता दें कि चौपला से चौकी चौराहा, चौकी चौराहा से कंपनी गार्डन, कंपनी गार्डन से श्यामगंज, श्यामगंज से डेलापीर चौराहा, चौकी चौराहा से अय्यूब खां चौराहा तक की सड़कों के चौड़ीकरण और नाला निर्माण का कार्य स्मार्ट सिटी के तहत प्रस्तावित है।
इन सड़कों को चौड़ा करने के लिए करीब 750 से 800 पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जाएगा। पेड़ों को इन सड़कों से उखाड़कर सीबीगंज स्थित कान्हा उपवन ले जाया जाना है मगर सवाल यह खड़ा हो गया है कि धूल का गुबार उड़ने से लोग पहले ही परेशान थे और अब शहर की हरियाली ट्रांसलोकेट करने से कहीं एक्यूआई और खराब न हो जाए।
हालांकि बरेली कॉलेज के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. डीके सक्सेना बताते हैं कि पेड़ ट्रांसलोकेट होने से ज्यादा खतरा धूल के गुबार से है। उनका मानना है कि पेड़ों के ट्रांसलोकेशन से जहां ऑक्सीजन लेवल पर असर पड़ेगा तो दूसरी तरफ धूल के गुबार से पीएम-10 का लेवल तेजी से बढ़ेगा। यानी कहा जा सकता है कि शहर के लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी।
