बरेली: नगर निगम ने धर्मदत्त अस्पताल पर ठोंका 4.53 करोड़ का जुर्माना

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बरेली, अमृत विचार। नगर निगम ने धर्मदत्त सिटी हॉस्पिटल अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में अस्पताल संचालक को 4.53 करोड़ का यूजर चार्ज जमा करने को कहा गया है। यूजर चार्ज जमा करने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यूजर चार्ज की रकम पर ब्याज लगाकर उसको वसूलने की …

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम ने धर्मदत्त सिटी हॉस्पिटल अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में अस्पताल संचालक को 4.53 करोड़ का यूजर चार्ज जमा करने को कहा गया है। यूजर चार्ज जमा करने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यूजर चार्ज की रकम पर ब्याज लगाकर उसको वसूलने की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

नगर निगम और धर्मदत्त सिटी अस्पताल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अभी कुछ दिन पहले नगर निगम ने अस्पताल की जमीन खाली कराने की कार्रवाई की थी। इससे काफी बवाल मचा था। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम की भूमि पर अवैध तरीके से अस्पताल का व्यावसायिक संचालन किया जा रहा है। सरकारी भूमि को वर्ष 1950 को गरीबों के इलाज करने के लिए पट्टे पर दिया था।

शर्तों के उल्लंघन के कारण वर्ष 2003 में नगर निगम बोर्ड ने अस्पताल का अनुबंध निरस्त कर दिया। इसके खिलाफ अस्पताल प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट तक चला गया लेकिन फैसला निगम के पक्ष में हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने जमीन फ्री होल्ड करा लेने का हवाला देकर स्थानीय अदालत में टाइटल शूट दाखिल किया है। बीते दिनों नगर निगम ने अस्पताल की भूमि पर कब्जा लेने का प्रयास किया था, लेकिन अस्पताल वालों का विरोध भारी पड़ गया।

अब निगम के अधिकारियों ने अनुबंध निरस्त होने के बावजूद भूमि का उपयोग करने पर यूजर चार्ज मांगा है। निगम ने वर्ष 2003 से 2021 तक वाणिज्यिक सरकारी दर से गणना कर करीब 8607 वर्ग मीटर भूमि का 4.53 करोड़ रुपये यूजर चार्ज मांगा है। अस्पताल संचालक डा. अनुपम शर्मा को नोटिस देकर 10 दिन में रकम जमा कराने को कहा है।

धर्मदत्त सिटी अस्तपाल की भूमि के स्वामित्व को लेकर अस्पताल प्रबंधन और बरेली विकास प्राधिकरण यानि बीडीए व नगर निगम के बीच काफी समय से सिविल कोर्ट में केस चल रहा है। इसमें बीडीए की ओर से जवाब दाखिल किया जा चुका है, जबकि नगर निगम प्रशासन का कहना था कि यह मामला सिविल कोर्ट में चल ही नहीं सकता।

इसके चलते वह इस केस को लेकर हाईकोर्ट ले गए थे लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए नगर निगम के अधिकारियों को सिविल कोर्ट में चल रही सुनवाई को उचित ठहराया है। न्यायालयों से मुंह की खाने के बाद अब नगर निगम के अधिकारी खुन्नस निकाल रहे हैं। इसलिए बकाया के नोटिस भेजे जा रहे हैं। – डॉ. अनुपम शर्मा, संचालक, धर्मदत्त सिटी अस्पताल

धर्मदत्त सिटी अस्पताल अनुबंध निरस्त होने के बावजूद चल रहा है। अस्पताल का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। निगम की भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर उनसे यूजर चार्ज 10 दिन में निगम खाते में जमा करने को कहा है। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

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