संभल : किसानों के चक्का जाम के समर्थन में कूदे समाजवादी नेता
संभल, अमृत विचार। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर शनिवार को संभल में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर चक्का जाम किया। किसानों ने सरकार के विरोध पर पूरे जनपद में 15 स्थानों में रोड जाम लगाकर सरकार के खिलाफ गुस्सा जताया। उन्होंने कहा की तीनों कृषी …
संभल, अमृत विचार। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर शनिवार को संभल में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर चक्का जाम किया। किसानों ने सरकार के विरोध पर पूरे जनपद में 15 स्थानों में रोड जाम लगाकर सरकार के खिलाफ गुस्सा जताया। उन्होंने कहा की तीनों कृषी कानून को वापस नहीं किया तो सरकार की सारी व्यवस्था को खत्म कर चौपट करने की धमकी भी दी। साथ सन् 2022 के चुनाव में सरकार को किसानों और मजदूर के द्वारा नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी है।
किसानों का मानना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में बंद सफल रहा। और किसानों ने सरकार द्वारा बनाए गए 12 धान क्रय केंद्र को जनपद में कम बताते हुए कहा पहले के अपेक्षा क्रय केंद्र कम किया गए और साथ किसान को धान बेचने ऑन लाइन प्रक्रिया को खत्म करके सरल प्रक्रिया की जाए। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष ने सन् 2022 में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने बात कही।
फिरोज खां पूर्व जिलाध्यक्ष समाजवादी संभल जनपद के समाजवादी के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां के घर कार्यालय पर पुलिस बैठी रही। चकमा देकर किसानों के चक्का जाम कार्यक्रम में संभल गवां मार्ग खिरनी तिराहे पर पहुंच गए पुलिस ने फिरोज खां को रोक लिया वहीं फिरोज सरकार को बुरा भला कहते हुए, कहा कि भाजपा के नेता झूठ बोलकर सत्ता हासिल कर ली है। किसान विरोधी काले कानून बनाकर देश किसान की कमर तोड़ने काम कर रही है। किसानों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति से सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
