अमरोहा : किसानों का चार घंटे रहा हाईवे पर कब्जा, वाहनों की लगीं कतारें
अमरोहा, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को भारत बंद रखा गया। जिसके तहत किसानों ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर जाम लगाकर नारेबाजी की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने हाईवे पर करीब चार घंटे तक कब्जा रखा। जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। जाम लगने से …
अमरोहा, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को भारत बंद रखा गया। जिसके तहत किसानों ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर जाम लगाकर नारेबाजी की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने हाईवे पर करीब चार घंटे तक कब्जा रखा। जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। जाम लगने से राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात रही। किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और कहा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। जब तक सरकार की यह मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम सदर विजय कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता सोमवार की सुबह करीब 11 बजे टोला प्लाजा पर पहुंच गए। किसानों ने नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। जाम लगते ही हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गईं। छोटे मार्गों से लोगों ने निकलने का प्रयास किया, लेकिन फिर आगे भी जाम मिला। इससे वाहन चालकों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जाम की वजह से उमस भरी गर्मी में वाहनों में बैठे लोग परेशान हो गए। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे-छोटे बच्चों को हुई।
किसानों ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी की और कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाए। जिससे किसान सही दाम पर अपनी फसल की बिक्री कर सके। किसानों ने कहा सरकार ने गन्ने का मूल्य बहुत ही कम बढ़ाया है। इससे तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। सरकार को एक बार फिर गन्ना मूल्य पर विचार करना चाहिए।
केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। भाकियू जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि भाकियू ने करीब चार घंटे तक हाईवे पर जाम रखा। सुबह 11 बजे से लेकर शाम साढ़े तीन बजे तक किसान हाईवे पर जमे रहे। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी उम्मेद सिंह, दानवीर सिंह, करन सिंह, बलराम सिंह, विजय सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, सचिन, लोकेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
