गोरखपुर: पुलिस की पिटाई से युवक की मौत, एसओ समेत छह सस्पेंड, जानें मामला
गोरखपुर। जिले को पर्यटकों के लिये जहां सीएम योगी जिला मुख्यालय से सटे रामगढ़ ताल को नया रूप देने की कोशिश में जुटे हैं।वहीं इसी इलाके का मुकामी थाना रामगढ़ ताल का पुलिसिया अमला ने कानपुर से घूमने आए एक युवक पर ऐसा कहर बरपाया कि उसकी मौत हो गई। हालांकि फौरी तौर पर एसएसपी …
गोरखपुर। जिले को पर्यटकों के लिये जहां सीएम योगी जिला मुख्यालय से सटे रामगढ़ ताल को नया रूप देने की कोशिश में जुटे हैं।वहीं इसी इलाके का मुकामी थाना रामगढ़ ताल का पुलिसिया अमला ने कानपुर से घूमने आए एक युवक पर ऐसा कहर बरपाया कि उसकी मौत हो गई। हालांकि फौरी तौर पर एसएसपी ने उक्त प्रकरण में एसओ जेएन सिंह समेत छह पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करते हुए मामले की जांच एसपी नार्थ को सौंप दिया है। युवक के परिजनों को सूचित करते हुए शव पोस्टमार्टम का लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार जिले के सिकरी गंज थाना क्षेत्र के महादेवा बाजार निवासी चन्दन सैनी व्यवसाय करते है। उनके रीयल एस्टेट और बिजनेस करने वाले तीन मित्र जो कि कानपुर (मनीष गुप्ता 35) और हरियाणा के गुड़गांव निवासी (प्रदीप चौहान35, हरदीपसिंह चौहान 35) काफी दिनों से गोरखपुर घूमने की चाहत लिए शहर आये तो उनके ठहरने के लिए चन्दन ने रामगढ़ ताल थानाक्षेत्र के एलआईसी बिल्डिंग के समीप होटल कृष्णा पैलेस का 512 नम्बर कमरा बुक कराया था।
बीती रात लगभग साढ़े बारह बजे होटल चेकिंग के उद्देश्य से मुकामी थानाध्यक्ष जेएन सिंह व फलमंडी चौकी प्रभारी अक्षय मिश्रा मय फोर्स के होटल पहुंचे। होटल मैनेजर को साथ लेकर सभी कमरे खुलवाकर आगन्तुकों की आईडी चेक किया। इसी दौरान कमरा नम्बर 512 में दरवाजा खटखटाने पर हरदीप सिंह ने दरवाजा खोला और पूछने पर अपनी और प्रदीप की आईडी दिखा दिया, जबकि मनीष सोया हुआ था। जिसे जगाने पर उसने पुलिसकर्मियों से आपत्ति जताई कि यह क्या चेकिंग का तरीका है, इतनी रात में चेकिंग के बहाने सोये व्यक्ति को डिस्टर्ब कर रहे हैं, हम आतंवादी थोड़ी हैं।
आरोप है कि मनीष के इस कथन पर नाराज पुलिस कर्मियों ने हरदीप और प्रदीप को पीटते हुए कमरे के बाहर निकाल दिया, जबकि मनीष को कमरे में बंद करके पीटने लगे। थोड़ी देर बाद दरवाजा खुला तो पुलिसकर्मी मनीष को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिए, जहां से उसे बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। चन्दन के मुताबिक मनीष की मौत के बाद जब पुलिस कर्मी दुबारा आये तो उनकी नेमप्लेट गायब थी।
मृतक मनीष कानपुर का रहने वाला तथा अपने माँंबाप का इकलौता बेटा था। उसकी मां की कुछ दिनों पूर्व मौत हुई थी और पिता बीमार रहते हैं। मनीष की 5 वर्ष पूर्व शादी हुई थी तथा 4 साल का एक बेटा भी है। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। उसके मुताबिक चेकिंग के दौरान पुलिसवाले नशे में थे और अब होटल कर्मियों को भी अपने साथ मिला लिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने मौका मुआयना कर बताया कि संदिग्ध लोगों के रुके होंने की सूचना पर मुकामी पुलिस होटल पर गई थी। जहां युवक नशे में होने के कारण भागने के चक्कर मे गिरकर जख्मी हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।
जबकि डीआईजी रेंज जे.रविन्द्र गौड़ ने कहा कि मामला संज्ञान में है। घटना की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। घटना की सूचना पाकर मंगलवार दोपहर बाद कानपुर के बर्रा से पिता और ससुर के साथ मृतक मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस स्थित मर्चरी पहुंची तो भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें घेरे में ले लिया। मृतक की पत्नी के अनुसार पुलिस ने उनपर कोई भी दवाब तो नहीं बनाया लेकिन कार्रवाई भी नहीं कर रही है। उनकी शादी 8 वर्ष पूर्व 2013 में हुई थी। अब पति के जाने के बाद उसकी दुनिया ही उजड़ गई। उसके साथ उसका चार वर्षीय पुत्र अविराज गुप्ता भी था।
कार्यवाही के नाम पर केवल छह पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। अपनी फरियाद लेकर अब वह कहां जाएगी। मीनाक्षी के मुताबिक मनीष ने रात में उन्हें फोन कर बताया था कि यहां पुलिस वाले उनको परेशान कर रहे हैं तो उसने अपने भांजे बीजेपी नेता लखनऊ के दुर्गेश बाजपेई को फोन कर पुलिस की शिकायत की। शिकायत सुनते ही पुलिस वाले नाराज हो गए और उन पर टूट पड़े। पुलिस वालों ने मेरे पति को इतनी निर्दयता से मारा कि उनकी मौत हो गई। उसने कहा दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज किया जाए नहीं तो वह अपनी गुहार शासन तक लगाएगी।
