बरेली: खरीदारों को गुमराह करने के लिए तालाब पर बना दी सड़क
बरेली, अमृत विचार। सैदपुर हॉकिंस में एक कॉलोनाइजर ने अपने भूखंडों की बिक्री के लिए खरीदारों को गुमराह करने को तालाब की जगह पर ही रास्ता बना दिया। इसकी भनक न तहसील प्रशासन को लगी और न ही नगर निगम को। जब इसकी शिकायत हुई तो अब राजस्व और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप …
बरेली, अमृत विचार। सैदपुर हॉकिंस में एक कॉलोनाइजर ने अपने भूखंडों की बिक्री के लिए खरीदारों को गुमराह करने को तालाब की जगह पर ही रास्ता बना दिया। इसकी भनक न तहसील प्रशासन को लगी और न ही नगर निगम को। जब इसकी शिकायत हुई तो अब राजस्व और नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से जांच में जुट गईं। टीमों ने कई बार तालाब का मौका मुआयना करते हुए पैमाइश भी की लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका है कि तालाब की जमीन पर अवैध तरीके से रोड किसने बना ली है? ऐसे में यह मामला अभी फंसा हुआ है। बताते हैं कि तहसील स्तर पर इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है और इसमें नगर निगम को कार्रवाई करनी है।
तालाबों की जमीन पर कब्जे के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला तहसील प्रशासन के पास पहुंचा था। मिनी बाईपास पर सैदपुर हॉकिंस में एक नर्सरी के पास कुछ समय पहले कई कॉलोनाइजरों ने प्लॉटिंग करके भूखंडों की बिक्री थी। चूंकि वहां जाने का रास्ता ठीक नहीं था, इसके लिए वहां जमीनों के रेट भी सही नहीं मिल रहे थे।
इस दिक्कत से निपटने के लिए कॉलोनाइजर ने सांठगांठ करके करीब चार बीघा क्षेत्रफल में फैले तालाब की जमीन के कुछ हिस्से में करीब 10 मीटर लंबा और लगभग तीन मीटर चौड़ा रोड बना दिया। तालाब की जमीन पर यह अवैध निर्माण हो गया लेकिन राजस्व और नगर निगम के अधिकारियों तक इसकी कोई जानकारी ही नहीं पहुंची। इस बीच आसपास की जमीनों की बिक्री हो गई, बल्कि ज्यादातर लोगों ने उस पर भवन के निर्माण भी कर लिए। जब यह मामला तहसील में पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
तहसील और नगर निगम की टीम संयुक्त तौर से कई बार तालाब की नापजोख करने के लिए जा चुकी हैं। राजस्व विभाग के लोगों का कहना है कि सड़क का कुछ हिस्सा तालाब और कुछ हिस्सा बाहर है। तालाब में आने वाले रोड के हिस्से को तोड़ा गया तो रोड काफी संकरा हो जाएगा।
ऐसे में स्थानीय आबादी क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो जाएगी। हालांकि टीम को यह पता नहीं चल सका है कि तालाब की जमीन पर अवैध तरीके से सड़क किसने बना दी है। क्षेत्रीय लेखपाल का कहना है कि दो बार पैमाइश हो चुकी है। तालाब पर सड़क बनाने का चिन्हांकन कर रिपोर्ट नगर निगम को भेजी जा चुकी है। कार्रवाई नगर निगम को ही करनी है।
