मुरादाबाद: रेलवे ने लगाई उप मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर
मुरादाबाद, अमृत विचार। सोनकपुर पुल के निर्माण में रेलवे द्वारा बरती जा रही लापरवाही ने साफ कर दिया है कि विभाग ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा दी है। डिप्टी सीएम ने दिसंबर तक पुल को जनता के लिए खोल देने की घोषणा की थी। लेकिन, रेलवे की सुस्त …
मुरादाबाद, अमृत विचार। सोनकपुर पुल के निर्माण में रेलवे द्वारा बरती जा रही लापरवाही ने साफ कर दिया है कि विभाग ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा दी है। डिप्टी सीएम ने दिसंबर तक पुल को जनता के लिए खोल देने की घोषणा की थी। लेकिन, रेलवे की सुस्त कार्य प्रणाली के चलते छह माह के भीतर निर्माण पूरा हो पाना असंभव लग रहा है। मंगलवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण करने आए रेल महाप्रबंधक ने भी दिसंबर तक पुल को जनता को सौंप दिए जाने की बात दोहराई।
रेलवे के हिस्से के निर्माण की वास्तविक स्थिति पर नजर डालें तो पुल निर्माण को लेकर उप मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के दावे कमजोर नजर आते हैं। निगम द्वारा अपने हिस्से का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा कर लेने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, रेलवे का आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है। उसके जिम्मे मुरादाबाद- दिल्ली और मुरादाबाद-सहारनपुर रूट का निर्माण है।
अमृत विचार की पड़ताल में दिल्ली लाइन पर पुल के कुछ गार्डर पिलर पर रखा जाना पाया गया। अभी सहारनपुर लाइन के हिस्से का निर्माण शुरुआती दौर में है। एक हिस्से में पिलर के फाउंडेशन की बुनियाद तो तैयार है। लेकिन, दूसरे हिस्से में मिट्टी तक नहीं खोदी जा सकी है। सहारनपुर रूट पर निर्माण आरंभिक दौर में है। रेलवे की डायरी बताती है कि दिल्ली रूट पर 59 मीटर और सहारनपुर रूट पर 47.5 मीटर हिस्से का निर्माण होना है। सहारनपुर रूट पर अभी खंभे की बुनियाद तक तैयार नहीं हो पाई है।
पुल निर्माण के प्रस्ताव को देखें
साल 2016 के दिसंबर माह में इसे मंजूरी मिली थी। 112 मीटर लंबे पुल का निर्माण सेतु निगम और रेलवे की निर्माण इकाई को करना था। दो साल में निर्माण पूरा करने का संकल्प व्यक्त किया गया था। लेकिन, अभी तक यह काम अधर में है। आरंभ में इस निर्माण कार्य के लिए 89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास हुआ था। अब यह बढ़कर 116 करोड़ तक पहुंच गया है। सेतु निगम की ओर से 74 खंभे बनाए गए हैं। पुल के दोनों ओर एप्रोचिंग रोड बने हैं। एक ओर पुल सिरकोई भूड़ तथा दूसरी ओर भाला सिंह की मिलक उर्फ सोनकपुर गांव को जोड़ेगा वहीं मुख्य पुल कांठ रोड से निकलकर नया मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली रोड को जोड़ेगा।
इन लोगों ने की है घोषणा
रेल प्रबंधन ने दिसंबर तक पुल चालू करने का दावा किया है। 11 जुलाई को मुरादाबाद आए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आचार संहिता लगने के पहले फुल को जनता की सेवा के लिए हर हाल में खोल देने का ऐलान किया था। 21 सितंबर को यहां आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पुल को लेकर घोषणा की थी। जीएम रेल आशुतोष गंगल ने मंगलवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण कर दिसंबर तक पुल जनता के हवाले करने का दावा किया।
मैंने इसके लिए छह माह पहले रेल प्रबंधन को पत्र लिखा था। यह जानने की कोशिश की थी कि निर्माण कब तक हो जाएगा। रेलवे की ओर से अभी कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में दिसंबर तक पुल निर्माण पूरा होने का दावा मुझे खोखला नजर आ रहा है। -डॉ. एसटी हसन, सांसद
पुल निर्माण के लिए मैंने काफी प्रयास किया। चार बार सदन में इस पर प्रश्न किया। किसानों की जमीन अधिग्रहण के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। जलभराव से लोग जूझ रहे हैं। रेलवे की सुस्ती से पुल का निर्माण रुका पड़ा है। -वीर सिंह एडवोकेट, पूर्व सांसद (राज्यसभा)
यह पुल शहर के विकास को रफ्तार देगा। कांठ रोड से दिल्ली रोड सीधे जुड़ जाएगा। समयबद्ध निर्माण के लिए हमने तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। जीएम रेलवे और मंडल रेल प्रबंधक से कई बार इसको लेकर भेंट कर चुका हूं। निर्माण कार्य तेज करने के लिए शीघ्र प्रबंधन से मुलाकात करूंगा। -रितेश गुप्ता, शहर विधायक
