अमेठी: विधायक ने जिला प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, मार्ग नहीं बना तो दे दूंगा इस्तीफा
अमेठी। विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि उनके क्षेत्र के दो मार्ग आगामी 30 अक्टूबर तक नहीं बने तो वो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अपने …
अमेठी। विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि उनके क्षेत्र के दो मार्ग आगामी 30 अक्टूबर तक नहीं बने तो वो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अपने क्षेत्र के दो मार्ग क्रमशः कादू नाला से थोरी और मुसाफिरखाना से पारा मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गए है जिस पर आवागमन बहुत ही दुरूह हो गया है।
उक्त मार्गों के संबंध में विधान सभा की प्राकलन समिति के समक्ष भी मांग रखी जिसके पश्चात प्राकलन समिति की उपसमिति द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य कार्य पालक के साथ जांच भी की गई। जांच में समिति ने दोनों मार्ग मानक के अनुरूप न होने की बात की बात कही है। उधर कार्यदायी संस्था ने ये तर्क दिया कि दोनों मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य से भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुए है जबकि सच्चाई ये है ये मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गए थे ये बात प्राकलन समिति की जांच में अधिशाषी अभियंता पी.एम.जी. एस. वाई. ने स्पष्ट कर दी है।
विधायक ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में आगे लिखा है कि मेरे द्वारा तीन वर्षों से उक्त दोनों मार्गों का विधान सभा मे प्राकलन समिति के सामने बार बार मांग रखने और विधान सभा मे प्रकरण को नियम 51 के तहत उठाये जाने पर सरकार द्वारा 25 फरवरी 2021 को आश्वासन दिया गया था कि उक्त दोनों मार्ग का निर्माण तीन माह के अंदर पूर्ण हो जाएगा परंतु सच्चाई ये है कि मार्ग का निर्माण तो दूर की बात है उक्त मार्ग में गिट्टी डाल कर गड्ढों को भरा भी नहीं गया है जिसके कारण आवागमन एकदम कष्टकारी हो गया है।
विधायक ने अपने पत्र ये चेतावनी भी दी है कि यदि आगामी 30 अक्टूबर 2021 तक उक्त दोनों मार्गों का निर्माण कार्य शुरू नही किया गया तो प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली से अंग आकर विधान सभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे और 31 अक्टूबर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती से पूज्य गांधी जी की प्रतिमा (जी. पी.ओ पार्क हजरतगंज चौराहा लखनऊ) में समस्या के निस्तारण होने तक अपने साथियों के साथ कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अनवरत अनशन पर रहेंगे। अब देखना ये है कि क्या प्रशासन विधायक की मांग को गंभीरता से लेता है या नही ये तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन ये बात स्पष्ट है कि सड़क में गड्ढ़ों को भरने में सरकार संवेदनशील नही है जिसके कारण कई सड़कों पर राहगीरों का चलन मुश्किल हो गया है।
